टाउनहाल में आयोजित भारतवर्षीय गोंड आदिवासी महासभा के धरना प्रदर्शन में महिलाओं ने बढ चढ कर हिस्सा लिया।
भारतवर्षीय गोंड आदिवासी महासभा की ओर से आयोजित धरना प्रदर्शन में सैकड़ों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने जिला प्रशासन के असहयोगात्मक रवैये के खिलाफ धरना दिया। एडीएम प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनके निलंबन की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली संदिग्ध है। जिले के अधिकारी प्रदेश सरकार को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।
टाउनहाल परिसर में आयोजित जनसभा में जिलाध्यक्ष मुंशी प्रसाद गोंड ने कहा कि एडीएम प्रशासन पिछले एक वर्ष से गोंड जाति के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत केस मुकदमा दर्ज किया जाए। प्रशासनिक अधिकारियों ने गोंड जाति के खिलाफ शासन को गलत रिपोर्ट भेजी है। उन्होंने कहा कि गोंड जाति के लोगों के अधिकारों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ संगठन आंदोलन शुरू करेगा।
उन्होंने कहा कि गोंड जाति के लोगों को जाति प्रमाण जारी कराया जाए। इसमें किसी तरह की हीलाहवाली न बरती जाए। गोंड जाति के भूमिहीन लोगों को कृषि योग्य भूमि में पट्टा में वरीयता मिले। प्रदेश में अनुसूचित जनजाति आयोग और अनुसूचित जनजाति वित्त और विकास निगम का गठन जल्द से जल्द हो। छात्र-छात्राओं को प्राथमिकता के आधार पर मुहैया कराई जाए। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में लोगों ने सिविल लाइंस रोड पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
राज्यपाल को संबोधित नौ सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी को दिया। कार्यक्रम को विधायक जनमेजय सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव, गुड्डन कुशवाहा, रामधनी गोंड, बैजनाथ गोंड, जयनंद गोंड, कलावती गोंड, प्रेम गोंड ने संबोधित किया। इस दौरान गोवर्द्धन गोंड, राजेश गोंड, सुरेश गोंड, शिवमुनि गोंड, अरविंद गोंडवाना, गिरजाशंकर गोंड समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।