सहालग में मिलावटखोर सक्रिय, जांच में दो पनीर सहित छह नमूने फेल पाए गए
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देवरिया। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने को लेकर विभाग की ओर से सख्ती बरती जा रही है। तब भी मिलावट खोर जिले में सक्रिय हैं। सहालग के दौरान मिलावटखोर खाद्य पदार्थों में मिलावट कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। डाक्टराें के अनुसार मिलावटी खाद्य पदार्थों के नियमित सेवन से लीवर और किडनी पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। जिले में विभिन्न जगहों से लिए गए 6 खाद्य पदार्थों के नमूने फेल पाए गए हैं। दो पनीर, एक सरसो तेल, एक अरहर दाल, एक काली मिर्च और एक काला नमक का सैंपल फेल पाया गया है। खाद्य सुरक्षा और औषधि विभाग संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
पनीर के फेल हुए दोनों सैंपल लैब की जांच में फैट कम पाया गया है। इसे अधोमानक मिलावटी की श्रेणी में रखा गया है। लोकल ब्रांड के एक सरसो के तेल को भी अधोमानक मिलावटी पाया गया है। इसी तरह अरहर दाल, काली मिर्च और काला नमक भी अधोमानक मिलावटी पाया गया है। सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि संबंधित दुकानदारों जिनके सैंपल फेल पाए गए हैं। यदि वह चाहे तो सैंपल की जांच दुबारा रैफरल लैब में कर सकते हैं। एक महीने में संबंधित दुकानदारों को उनके खर्च पर दुबारा जांच कराई जाएगी।
कोल्ड ड्रिंक के लिए चार नमूने
गर्मियों में पेय पदार्थों की बिक्री बढ़ जाती है। खासकर कोल्डड्रिंक की मांग बढ़ जाती है। इस दौरान धंधेबाज कई तरह की तरकीबे इस्तेमाल करते हैं। वह एक्सपायर्ड कोल्डड्रिंक को बाजार में बेचकर मोटा मुनाफा कमाते हैं। एक्सपायर्ड कोल्डड्रिंक पीने से लोगों की सेहत खराब हो जाती है। इसी को देखते हुए मुख्यालय से मिले निर्देश के बाद जिले की खाद्य सुरक्षा और औषधि विभाग की टीम तीन दिन का पेय पदार्थों में मिलावट की रोकथाम के लिए अभियान चला रही है। इसके तहत टीम ने अब तक जिले के विभिन्न स्थानों से चार सैंपल लिए हैं। उन्हें लैब में जांच के लिए भेज दिया गया है।
पांच दिन के अभियान में आईसक्रीम के 31 नमूने लिए
गर्मी बढ़ते ही आइसक्रीम की डिमांड बढ़ जाती है। मिलावट खोर ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए केमिकल और एसेंस को मिलाकर सस्ते में आईसक्रीम तैयार करके मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। लखनऊ मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद जिले की खाद्य सुरक्षा और औषधि विभाग की टीम ने मिलावटी खाद्य पदार्थों की रोकथाम के लिए पांच दिन का अभियान चलाया। अभियान के तहत टीम ने विभिन्न स्थानों से आईसक्रीम के कुल 31 नमूने संग्रहित किए। विभाग ने सैंपल को जांच के लिए लैब भेज दिया है।
मिलावटी खाद्य पदार्थ और पेय जल से शरीर को नुकसान हाेता है। सबसे पहले पाचन तंत्र पर असर पड़ता है। नियमित सेवन करने से लीवर और किडनी पर भी असर पड़ता है। बाजार में खाद्य और पेय पदार्थों की खरीदारी करते समय सावधान रहें और जांच पड़ताल के बाद ही खरीदें।
-डाॅ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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वर्जन
छह खाद्य पदार्थों के नमूने फेल पाए गए हैं। संबंधित दुकानदारों के खिलाफ अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। पांच दिन के अभिया न के दौरान 31 आईसक्रीम के नमूने लिए गए, जिनको जांच के लिए लैब भेज दिया गया है। विभाग की टीम जिले में नियमित निरीक्षण कर रही है। संदेह होने पर सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाता है।
विनय कुमार सहाय, सहायक खाद्य आयुक्त