गेहूं खरीद में कालाबाजारी का आरोप लगाकर किसानों ने किया हंगामा
भटनी। गेहूं खरीद में कालाबाजारी का आरोप लगा किसानों ने विपणन गोदाम पर सस्ते गल्ले का उठान रोक दिया और हंगामा करने लगे। इसकी जानकारी मिलने और गेहूं क्रय केंद्र से बार-बार शिकायतें मिलने पर एआरएम जितेंद्र कुमार शनिवार को विपणन कार्यालय पहुंचे। उन्होंने किसानों की पीड़ा सुनी और विपणन अधिकारी को फटकार लगाई। नाराज किसानों से बात कर खोरीबारी में गोदाम की व्यवस्था कराई और गेहूं खरीद का आदेश दिया। गेहूं खरीद नहीं होने और विपणन अधिकारी के गायब रहने पर अमर उजाला ने शुक्रवार को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।
भटनी में विपणन गोदाम को गेहूं क्रय केंद्र बनाया गया है। सरकार की ओर से 1 अप्रैल से ही गेहूं खरीद शुरू करने का आदेश दिया गया था, लेकिन विपणन अधिकारी की लापरवाही के चलते करीब दो महीने बाद भी भटनी में अधिकतर किसानों की गेहूं खरीद नहीं हुई है। आए दिन किसान केंद्र पर आते थे और केंद्र बंद होने और विपणन अधिकारी के नहीं मिलने से निराश होकर लौट जाते थे। शुक्रवार को अमर उजाला ने भटनी सहित पूरे जिले की गेहूं क्रय केंद्रों की स्थिति पर खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद विपणन अधिकारी शनिवार को केंद्र पर पहुंचे और सस्ते गल्ले का उठान करने लगे। इसकी सूचना पर किसान केंद्र पहुंचे और गेहूं खरीद के लिए दबाव बनाने लगे। उन्होंने गोदाम में जगह नहीं होने की बात बताई। इससे नाराज किसानों ने गोदाम के आगे ट्राली लगाकर सस्ते अनाज का उठान रोक दिया और हंगामा करने लगे। इसकी जानकारी होने पर एआरएम जितेंद्र कुमार क्रय केंद्र पहुंचे और समस्याओं से रूबरू हुए। नाराज किसानों से बात कर खोरीबारी में गोदाम की व्यवस्था कराई और जल्द गेहूं खरीद करने का आदेश दिया। इस संबंध में एआरएम ने बताया कि किसानों की समस्या दूर करने के लिए खोरीबारी में नए गोदाम की व्यवस्था की गई है। खोरीबारी क्षेत्र के किसानों का गेहूं उसी गोदाम पर लेने को कहा गया है।
ठेकेदार की लापरवाही भी हुई उजागर
भटनी। गेहूं खरीद के बाद एफसीआई गोदाम तक पहुंचाने के लिए टेंडर हुआ था। भटनी में आदित्य ट्रेडर्स ने इसकी जिम्मेदारी ली है। लेकिन गोदाम भरने के बावजूद ठेकेदार अनाज भेजने में नाकाम है। अधिकारियों ने बताया कि आदित्य ट्रेडर्स ने पूरे जिले में 15 जगहों से गेहूं पहुंचाने की जिम्मेदारी ली है। लेकिन वाहन कम होने से वह इसमें असमर्थ है। एआरएम की जांच में ठेकेदार की लापरवाही भी उजागर हुई है।