कपरवार। कृषि विभाग की ओर से स्थानीय गांव में किसानों के लिए जैविक खेती पर विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें किसानों को प्राकृतिक खेती के फायदे और रासायनिक खाद की जगह घरेलू घोल तैयार करने की विधि बताई गई।
शिविर में एडीओ एग्रीकल्चर आनंद सिंह और एटीएम उमेश सिंह ने कहा कि गोबर, गोमूत्र, नीम की पत्तियांऔर गुड़ से तैयार घोल फसलों के लिए बेहद उपयोगी है। इससे न केवल मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है बल्कि उत्पादन भी बढ़ता है। इस दौरान अर्जुन सिंह, सरिता देवी, रीता देवी, शोभा देवी, आलोक कुमार यादव, ललित कुमार, कुशल बहादुर, शीला देवी आदि मौजूद रहीं। संवाद