बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी व एसडीएम भाटपाररानी पर कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी। पिपरा विट्ठल गांव में चकबंदी के विरोध में क्रमिक अनशन पर बैठे किसानों ने प्रशासन पर सोमवार को दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। उन्होंने क्रमिक अनशन से जबरन हटवाने व धक्का देने की भी बात कही है। इससे नाराज किसान बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, एसडीएम भाटपाररानी और एसओ भटनी की शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे।
भटनी के पिपरा विट्ठल गांव में किसान 26 फरवरी से चकबंदी के विरोध में गांव के नागा बाबा ग्राउंड पर क्रमिक अनशन पर बैठे थे। सोमवार को बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी पवन पांडेय व एसडीएम भाटपाररानी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से चकबंदी के विरोध का कारण पूछा। किसानों ने चकबंदी के दौरान धनउगाही और अन्य समस्याएं बताईं।
बातचीत में अधिकारियों ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। बाद में अफसरों के आदेश पर पुलिस ने किसानों का क्रमिक अनशन जबरन समाप्त करा दिया। किसान आशीष सिंह, वीरेंद्र गिरि, पवन यादव, हरिशंकर सिंह आदि का कहना है कि वार्ता के दौरान बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी ने कहा कि ग्राम प्रधान व ग्राम सदस्य अगर सहमत हैं तो गांव में चकबंदी होगी। इसका हम किसानों ने विरोध किया। किसान सार्वजनिक रूप से गांव में किसानों की बैठक चाहते थे, लेकिन आरोप है कि प्रशासन ने जबरन धक्का देकर क्रमिक अनशन समाप्त कराया।
उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी। जरूरत होगी तो बंदोबस्त अधिकारी के खिलाफ हाईकोर्ट में भी जाएंगे। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी पवन पांडेय ने बताया कि चकबंदी का विरोध कर रहे किसानों से बातचीत कर समस्या समाधान कराया गया है। कुछ लोग बेवजह चकबंदी रोकने का प्रयास कर रहे हैं उनको हिदायत दी गई है।