इमरजेंसी पर मरीज को लेकर पहुंचे तीमारदारों ने जमकर हंगामा किया। डॉक्टर और कर्मचारी से विवाद करने के बाद मारपीट पर आमादा भिड़ ने मेडिकल कार्य को ठप करा दिया। पुलिस के पहुंचते ही आरोपी भाग निकले। इमरजेंसी के पास अस्पताल में खुली पुलिस पिकेट हाथ के दात साबित हो रही है। पूर्व में हुए विवाद को देखते हुुए तत्कालीन एसपी मनोज कुमार ने पुलिस पिकेट खोला था। ताकि डाक्टरों, कर्मचारियों के साथ अस्पताल में कोई दुर्व्यवहार न कर सके। आए दिन विवाद की घटना से कोतवाली पुलिस कोई सबक नहीं ले रही है।
शनिवार को इमरजेंसी पर डाक्टर डीके सिंह की ड्यूटी थी। रात को वह कर्मचारियों के साथ मरीजों को देख रहे थे। इसी बीच कुछ लोग उनसे उलझ गए। डॉक्टर ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन मनबढ़ विवाद पर उतारू हो गए। करीब आधे घंटे तक हंगामा होता रहा। मामला बढ़ता देख डाक्टर ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंचती इससे पहले आरोपी भाग खड़े हुए। शाम होते ही पिकेट में ताला लग जाने से कर्मचारी नाराज है। उनका कहना है कि अस्पताल पर अक्सर विवाद होता है। लेकिन कोई पुलिसकर्मी बीच बचाव करने नहीं आता। पिकेट खुला है तो पुलिस क्यों नहीं रहती है। वहीं कोतवाली पुलिस का कहना है कि विवाद की सूचना मिली थी। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।