प्रतापपुर चीनी मिल की मनमानी से गन्ना किसानों की मुश्किलें बढ़ गई है। जिला प्रशासन की हनक भी मिल के जिम्मेदारों पर नहीं दिख रही है। रविवार को कंचनपुर ए और कंचनपुर बी, तरकुलवा, बंजरिया और कनकपुरा तौल केंद्रों पर गन्ना उठान के बाद तौल लिपिक ट्रक लेकर चले गए। नाराज किसानों ने कंचनपुर तौल केंद्र पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। बाद में पहुंचे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने डीएम से वार्ता कर मामले का समाधान कराया।
प्रतापपुर चीनी मिल ने 17 जनवरी को अचानक पेेराई बंद की दी। इसके चलते तौल केंद्रों पर सूख रहे गन्ने को लेकर किसानों में गुस्सा बढ़ गया। किसानों ने डीएम आवास घेरा तो डीएम अनिता श्रीवास्तव ने चीनी मिल प्रशासन को फटकार लगाई। इसके बाद प्रतापपुुर चीनी मिल प्रबंधन ने अपने ग्रुप की वाल्टरगंज चीनी मिल को बचे हुए गन्ने को भेजने का आश्वासन दिया। रतनपुरा, बसंतपुर धूसी, तरकुलवा, कंचनपुर के किसान प्रतापपुर चीनी मिल के तौल केंद्रों पर कई दिन से गन्ना लेकर पहुंचे थे। उनके गन्ना सूख रहे थे लेकिन चीनी मिल ने यार्ड में गन्ना खत्म होने का हवाला देकर उठान बंद कर दिया। इससे किसानों का गुस्सा बढ़ गया। किसानों ने कंचनपुर तौल केंद्र पर प्रदर्शन किया। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने किसानों की समस्या को लेकर डीएम से बात की। डीएम के निर्देश पर शाम को किसानों के गन्ने का तौल शुरू कराया गया।
इनसेट में
तीन चीनी मिलों को आवंटित हुआ गन्ना
जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम ने बताया कि प्रतापपुर चीनी मिल के अवशेष गन्ना को तीन चीनी मिलों को आवंटित कर दिया गया है। एक से दो दिन में डाटा फीडिंग का काम पूरा हो जाएगा। उसके बाद इंडेंट जारी किया जाएगा। तब तक की गन्ना प्रतापपुर चीनी तौल कराएगी और वाल्टरगंज चीनी मिल को भेजेगी। प्रतापपुर चीनी मिल के 64 तौल केंद्रों में प्रतापपुर, बरहज, लार रोड समिति की 10 तौल केंद्रों को घोसी चीनी मिल, कंचनपुर, बंजरिया, बजरहा और कनकपुरा ए और बी तौल केंद्र का गन्ना सेवरही चीनी मिल और शेष तौल केंद्रों का गन्ना हाटा चीनी मिल को जाएगा।