संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गर्मी और उमस से लोग कंजंक्टिवाइटिस की चपेट में आ रहे हैं। आंख से कीचड़, पानी आने के साथ ही कई तरह की परेशानी हो रही है। यह बीमारी पीड़ित से दूसरे लोगों में फैलती है।
मेडिकल कॉलेज में इस बीमारी के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इन दिनों रोजाना 40 से 50 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसे ठीक होने में एक सप्ताह का समय लग सकता है।
पारा चढ़ रहा है। बीच-बीच में बारिश भी हो जा रही है। उमस से भी लोग परेशान हैं। इस मौसम में वायरस बढ़ते हैं। थोड़ी सी लापरवाही से सेहत पर असर पड़ रहा है। वायरल इंफेक्शन की चपेट में आने से लोग नेत्र रोग से पीड़ित हो जा रहे हैं। आंख में लाली हो जा रही है। साथ ही, पानी भी आ रहा है। इसके अलावा आंख चिपक जाती है।
डॉक्टर का कहना है कि नेत्र रोग से पीड़ित होने पर दवा के साथ सावधानी बरतनी जरूरी है। पीड़ित की रुमाल और कपड़े का इस्तेमाल करने से चपेट में आने की आशंका बनी रहती है।
मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश कुमार ने बताया कि गर्मी व उमस और बीच में बारिश से कंजंक्टिवाइटिस के वायरस के ग्रोथ की दर बढ़ जाती है। इस बीमारी से पीड़ित के बार-बार आंख छूने व मसलने से बैक्टीरियल इंफेक्शन हो जाता है।