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होली पर रोडवेज लंबी दूरी पर चलाएगा अतिरिक्त सेवाएं

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होली में लंबे रूट पर चलेंगी अतिरिक्त बसें
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रोडवेज की ओर से दिल्ली, कानपुर, लखनऊ रूट पर बसें चलाने की तैयारी
लगातार सात दिन ड्यूटी करने वाले चालकों-परिचालकों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बाहर रहकर कमाने वाले लोग जो होली मनाने घर आएंगे, उनका सहारा परिवहन निगम बनेगा। रोडवेज ने अभी से पर्व पर घर आने वाले लोगों को सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। दिल्ली, कानपुर, लखनऊ सहित अन्य लंबी दूरी वाले मार्गों पर अतिरिक्त सेवाओं का संचालन किया जाएगा। इस दौरान लगातार सात दिन तक ड्यूटी करने वाले चालक व परिचालकों को प्रोत्साहन राशि का लाभ मिलेगा।
10 मार्च को होली के पर्व को देखते हुए बाहर रहने वाले लोग अभी से घर जाने की तैयारियों में लगे हुए हैं। जिन्होंने ट्रेनों में पहले से ही टिकट बुक करा रखा है, उनकी तो पौ-बारह है, लेकिन जिनके टिकट कन्फर्म नहीं हुए हैं, वे यात्रा को लेकर परेशान हैं। ट्रेनों की स्थिति अभी से फुल हो गई है। ऐसे में परिवहन निगम की बसें लोगों के लिए सहूलियत बनेंगी। डिपो में वर्तमान में निगम की 73 और अनुबंधित 125 को मिलाकर कुल 198 बसों का संचालन हो रहा है। यहां से प्रतिदिन औसतन 25 हजार यात्री सफर करते हैं। अभी दिल्ली रूट पर पांच, कानपुर पर आठ और लखनऊ रूट पर छह बसों का प्रतिदिन संचालन किया जा रहा है। होली पर यात्रियों की भीड़ और आय की संभावना को देखते हुए रोडवेज की ओर अभी से यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की योजना बनाई जा रही है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ओम कुमार मिश्रा ने बताया कि होली पर्व के एक सप्ताह पहले से ही दिल्ली, कानपुर व लखनऊ रूट पर बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। लोकल रूट पर अनुबंधित बसों को लगाया जाएगा। यात्रियों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है।
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खराब पेयजल व्यवस्था करेगी यात्रियों का परेशान
डिपो परिसर में वर्तमान में पेयजल व्यवस्था की हालत बेहद खराब है। पिछले साल शहर के एक व्यापारी की ओर से यात्रियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने को निगम को दिया गया आरओ पिछले तीन माह से खराब पड़ा हुआ है। जबकि इसके स्थापित करने में निगम के ही करीब डेढ़ लाख खर्च हो चुके हैं। यात्री सुविधा के नाम पर प्रति टिकट एक रुपये अतिरिक्त वसूलने वाले निगम के अधिकारी इसकी मरम्मत भी नहीं करा पा रहे हैं।
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