अव्यवस्थाओं के बीच मंगलवार को दोनों पालियों में अध्यापक पात्रता परीक्षा संपन्न हुई। परीक्षा में कुल 85 फीसदी परीक्षार्थी शामिल हुए।
कई परीक्षा केंद्रों पर अंधेरे के चलते परीक्षार्थियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर मोमबत्ती तो एक-दो जगह पर जेनेरेटर चलाकर उजाला किया गया।
वहीं, परीक्षा छूटते ही सड़कों पर जाम के हालात हो गए। पुलिसकर्मियों को जाम हटवाने में मशक्कत करनी पड़ी।
मंगलवार को सुबह 10 से 12.30 बजे और शाम 2.30 से पांच बजे तक टीईटी कराई गई।
उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 16 केंद्र जबकि प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए सात केंद्र बनाए गए थे। निर्धारित समय से हर केंद्र पर परीक्षा शुरू हो गई।
कई विद्यालयों के कमरों में अंधेरा था। इस पर परीक्षार्थियों ने कक्ष निरीक्षकों से शिकायत की।
कस्तूरबा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में कक्ष संख्या नौ, 10 और 11 में मोमबत्ती जलानी पड़ी। राजकीय इंटर कॉलेज में जेनेरेटर चलाकर उजाले का इंतजाम किया गया।
दोपहर में परीक्षा छूटते ही शहर की सड़कों पर जाम लग गया।
सिविल लाइंस, मालवीय रोड, कोतवाली रोड, जलकल रोड, राघवनगर आदि में घंटों जाम की स्थिति बनी रही। यही हाल दूसरी पाली की परीक्षा छूटने के बाद भी रहा।
लोगों को गंतव्य तक जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।