संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने बुधवार को युवाओं से संवाद किया।
युवाओं से अपनी अंतरिक्ष यात्रा के अनुभव साझा किए और बच्चों के सवालों के जवाब भी दिए। इस दौरान शुभांशु ने कहा कि हर प्रश्न में जिज्ञासा है और हर जिज्ञासा में एक नया ब्रह्मांड छिपा है। खुद पर भरोसा रखें, सीखते रहें और कभी हार न मानें। बरपार स्थित जागृति उद्यम केंद्र में शुभांशु को अपने बीच पाकर बच्चे खूब उत्साहित दिखे। उनसे घुल मिल गए और खूब सवाल किए। शुभांशु ने भी उन्हें निराश नहीं किया और उनके सभी सवालों के जवाब दिए। उन्होंने बच्चों से कहा कि सपनों को साकार करने के लिए आत्मविश्वास और समर्पण सबसे बड़ा ईंधन है। यदि आप पूरे मन से किसी लक्ष्य को साध लें तो असंभव भी संभव हो जाता है। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष विज्ञान सिर्फ विज्ञान का विषय नहीं, बल्कि मानवता के विकास का मार्ग है।
उन्होंने कहा कि भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम अब नई ऊंचाइयों पर है। विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब आज का युवा विज्ञान, नवाचार और तकनीकी नेतृत्व को अपनी प्राथमिकता बनाए।
2047 तक जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब हमें न सिर्फ आर्थिक रूप से बल्कि वैज्ञानिक रूप से भी विश्व में अग्रणी बनाना है।
कार्यक्रम में जागृति उद्यम केंद्र के अध्यक्ष और सदर सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि भविष्य के आर्यभट्ट बनने के लिए निरंतर प्रयास करना होगा, यही प्रयास हमारी संस्कृति और संस्कृत दोनों को जीवित रखेगा। इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य कुंवर आरपीएन सिंह व अन्य मौजूद रहे।