देवरिया। शिक्षक कृष्णमोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में आरोपी निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव और पटल सहायक संजीव सिंह को अब तक न तो जमानत मिली और न ही गिरफ्तारी हुई।
घटना के दो माह बाद भी पुलिस इन आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। दूसरी ओर कोर्ट से भी इन्हें कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। बीएसए व पटल सहायक की अग्रिम जमानत अब तक उच्च न्यायालय से मंजूर नहीं हुई है।
गौरी बाजार क्षेत्र के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में शिक्षक कृष्णमोहन सिंह ने 20 फरवरी को गोरखपुर के गुलरिया थानाक्षेत्र में स्थित अपने भाई के घर में आत्महत्या कर ली थी शिक्षक ने अपने आत्महत्या पूर्व बनाए गए वीडियो और लिखे गए सुसाइड नोट में तत्कालीन पटल सहायक संजीव सिंह और बीएसए पर उनके प्रकरण की सुनवाई करने के लिए 20 लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया था।
शिक्षक ने 16 लाख रुपये पाने के बाद चार लाख रुपये और मांगने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली थी। इस प्रकरण में कृष्णमोहन सिंह के साथ दो अन्य शिक्षकों की सुनवाई होनी थी, जिसमें कृष्णमोहन सिंह ने प्रति शिक्षक 16-16 लाख रुपये लेने और चार लाख रुपये और मांगने का आरोप लगाया था। संवाद