डाक कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में किया प्रदर्शन।
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देवरिया। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ ने कमलेश चंद्रा कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की मांग बुलंद की। उनका कहना है कि केंद्र सरकार आनाकानी कर रही है। इसके चलते डाक सेवक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
छह अप्रैल को डाक भवन के घेराव की चेतावनी दी गई। शहर के सिविल लाइंस स्थित प्रधान डाकघर परिसर में डाक सेवकों की जुटान हुई। यहां से नारेबाजी करते हुए अधीक्षक कार्यालय के सामने पहुंचे। इसके बाद धरना देना शुरू कर दिया। मंडलीय सचिव महेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली संदिग्ध है।
डाक सेवकों की मांगों को पूरा करने में नाकाम है। सातवां वेतन आयोग के लिए कमलेश चंद्रा की अगुवाई मेें कमेटी गठित की गई है लेकिन अब तक सिफारिशों को लागू नहीं किया गया। अन्य महकमों ने कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग के अनुसार वेतन और भत्ता देना शुरू कर दिया है लेकिन डाक सेवकों को अब तक भुगतान नहीं हुआ है। इसके चलते डाक सेवक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। वित्तीय वर्ष समाप्त होने को हैं लेकिन केंद्र सरकार ने कोई पहल नहीं की है।
ओमप्रकाश मिश्र ने कहा कि डाक सेवकों का जत्था दिल्ली में घेराव कार्यक्रम में शामिल होगा। अनिल सिंह ने कहा कि सरकार की तंद्रा टूट जाएगी। गोपीचंद्र ने कहा कि सरकार के सौतेलापन से डाक सेवकों में नाराजगी है। इस दौरान अशोक सिंह, प्रेमचंद्र शर्मा, मारकंडेय सिंह, युगल किशोर दुबे, रामप्रवेश सिंह, विजय नारायण पांडेय, राज मोहम्मद अंसारी आदि ने संबोधित किया।