भागलपुर। सरयू नदी के किनारे स्थित देवसिया, छित्तूपुर और भागलपुर गांव को कटान से बचाने की कवायद शुरू हो गई है। इस काम में करीब 11 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शासन स्तर से कार्य की स्वीकृति मिलने के बाद विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। मार्च के अंतिम सप्ताह से कटान रोधी कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
सरयू नदी की धारा मोड़ने से ग्राम पंचायत देवसिया, छित्तूपुर और भागलपुर कटान के मुहाने पर हैं। नदी कटान करते हुए आबादी के नजदीक आ रही है। भागलपुर-मईल मार्ग बाढ़ के समय 15 से अधिक गांवों को सुरक्षा प्रदान करता है। नदी इस सड़क और गांवों से करीब 50 मीटर ही दूर है। बरसात में नदी का जलस्तर घटने-बढ़ने पर कटान की वजह से ग्रामीणों की सांसें अटकी रहती हैं। पिछले साल करोड़ों की लागत से बने कटान रोधी कार्य का निरीक्षण करने आए जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह से ग्रामीणों ने कटान को लेकर चिंता जताई थी। कैबिनेट मंत्री ने आश्वासन दिया था कि हरहाल में कटान रोका जाएगा। बाढ़ खंड विभाग के अधिकारियों से भागलपुर और देवसिया गांव में बचे हुए कटान स्थल का प्रोजेक्ट बनाकर शासन में भेजने को कहा था। अब शासन से इसके लिए मंजूरी मिल गई है। शासन से 11 करोड़ रुपये जो मंजूर हुए हैं, उससे भागलपुर में 330 मीटर और देवसिया में 320 मीटर बोल्डर लांचिंग, पीचिंग, अपरन निर्माण का कार्य कराया जाएगा।