संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। विभिन्न स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्य लोगों के लिए मुसीबत बनने लगे हैं। वाहनों की आवाजाही से धूल का गुबार उठ रहा है। इससे लोगों का सांस लेना दुश्वार हो गया है।
बड़े वाहनों के गुजरने पर धूल के गुबार से पैदल राहगीरों और दो पहिया वाहन चालकों को दिखाई नहीं पड़ता है। पानी का छिड़काव न होने से परेशानी बढ़ गई है। धूल के बारीक कण शरीर के अंदर पहुंच जा रहे हैं। इससे फेफड़े, सांस के साथ आंख की समस्या के मरीज भी बढ़ गए हैं।
धूल में मिले जहरीले कण त्वचा की बीमारियां दे रहे हैं। शनिवार को देवरिया का एक्यूआई 134 रहा जोकि दमा और अस्थमा के मरीजों के लिए खतरनाक है। वहीं मकान का निर्माण कार्य करा रहे लोग सड़क पर ही ईंट, गिट्टी और बालू रखे हुए हैं।
हवा चलने पर धूल और बालू के कण हवा में उड़ रहे हैं जो लोगों के लिए परेशानी पैदा कर रहे हैं।
शहर से लेकर ग्रामीण सड़कों पर गिट्टी-बालू रखकर व्यवसायी अतिक्रमण कर रखे हैं। इससे सड़कें सिकुड़ने लगी हैं। वाहनों के चलने में परेशानी होती है।
एक तरफ सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए शासन की तरफ से हर साल यातायात माह, सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जाता है। वहीं सड़कों पर रखे गए बालू-गिट्टी पर प्रशासन की नजर नहीं पड़ती।
पुरवा चौराहे से लेकर भटवलिया तक कई स्थानों पर बालू-गिट्टी सड़क पर बिखरी पड़ी है। गोरखपुर-देवरिया ओवरब्रिज से शहर में प्रवेश करते ही सड़क के किनारे बालू का ढेर लगा है।
हवा चलने पर इधर से गुजरने वालों को आंखों से धूल उड़कर चलाजाता है। ऐसे में हादसे का खतरा बना रहता है। ऐसा ही हाल शहर के अन्य सड़कों का भी है।
मालवीय रोड, भीखमपुर रोड पर बालू और गिट्टी पसरा हुआ है। नगर पालिका इसे हटवाने पर ध्यान नहीं दे रहा है।
हालांकि, कुछ माह पहले नगर पालिका ने निर्देश दिए थे कि सड़क पर बालू-गिट्टी पाए जाने पर जुर्माना किया जाएगा।