रुद्रपुर नगर के मुख्य बाजार में कूड़ा, करकट के बीच खड़े होकर खरीदारी करते लोग।
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रुद्रपुर। तीन माह में दस बार सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से नगर में सफाई व्यवस्था को लेकर लोग अब जिम्मेदारों को कोस रहे हैं। चार दिनों से सफाई नहीं होने से रुद्रपुर कूड़ा करकट वाला नगर बन गया है। गली से लेकर मुख्य सड़क, चौराहों पर कचरे का ढेर लगा है। बुधवार को भी शाम तक नगर में सफाई व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई। मानदेय को लेकर सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
ठेकेदार द्वारा मानदेय नहीं देने को लेकर सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। नगर पंचायत नियमों का हवाला देकर सफाई व्यवस्था शुरू कराने को ठोस कदम नहीं उठा पाया है। नगर में चारों तरफ कचरे से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। हर घर के सामने कूड़ा लगने से मोहल्ले में बदबू फैल रही है। स्कूल, मंदिर जाने वालों को कचरे से होकर जाना पड़ रहा है। जगह-जगह नालियां जाम है।
सफाई कर्मचारी मानदेय नहीं मिलने तक काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह कर्ज लेकर किसी तरह परिवार के लोगों को भोजन करा पा रहे हैं। होली का त्योहार आ गया, उनके घर त्योहार मनाने को एक रुपया भी नहीं है।
अब मानदेय मिलने के बाद ही नगर में सफाई व्यवस्था शुरू की जाएगी। नगर के महेश वर्मा, शिवहरि त्रिपाठी, मनोज पांडेय, अजय कुमार आदि ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर नगर में सफाई व्यवस्था शुरू कराने की मांग की। अधिशासी अधिकारी मुकेश चौधरी ने कहा कि गुरुवार की सुबह से हर हाल में नगर में सफाई व्यवस्था शुरू हो जाएगी। सफाईकर्मियों के मानदेय की समस्या समाप्त हो गई है।