ड्रोन कैमरे से दो सौ मीटर की ऊंचाई से शहर की होगी निगरानी
देवरिया। शहर में दिनदहाड़े घटनाओं को अंजाम देकर फरार होने वाले बदमाशोें की पहचान ड्रोन कैमरे से होगी। धरना-प्रदर्शन के समय बवाल करने वालों पर पुलिस की निगाह रहेगी। पुलिस लाइन से ड्रोन उड़ा कर शनिवार को शहर की रिकार्डिंग कराई गई। पायलट प्रोजेक्ट के तहत करीब 15 लाख रुपये इस पर खर्च किए गए हैं। ड्रोन कैमरे को चलाने के लिए दो सिपाहियों को लखनऊ में ट्रेनिंग दिलाई गई है। करीब 40 मिनट तक ड्रोन कैमरों को दो सौ मीटर की ऊंचाई पर उड़ा कर शहर के दो किलोमीटर दायरे के फोटो स्पष्ट दिखाई दिए।
प्रशिक्षण लेकर आए आरक्षी पंकज ने बताया कि पुलिस लाइन से एक स्थान से ही करीब दो किलोमीटर की परिधि में ड्रोन कैमरा नजर रख सकेगा। पुलिस हेड क्वार्टर (पीएचक्यू) से मिले ड्रोन कैमरा से दो सौ मीटर की ऊंचाई से करीब दो किलोमीटर परिधि की गतिविधियां कैद होंगी। ड्रोन कैमरा से कोहरे में भी फोटो साफ आएगा। इसमें लगा लैंस काफी उन्नत किस्म का है। कानून व्यवस्था बनाए रखने में ड्रोन कैमरा कारगर साबित होगा। पुलिस को धरना-प्रदर्शन और यातायात व्यवस्था, पंचायत चुनाव की निगरानी में सुविधा होगी। दोपहर में ड्रोन कैमरे का पुलिस लाइन में सफल परीक्षण किया गया है। वीआईपी के आगमन के समय भी यह पुलिस के लिए मददगार होगा। इतना ही नहीं, आपदा के समय संकट मोचन की तरह कार्य करेगा। पुलिस की योजना है कि इस तरह के कैमरे सभी तहसील स्तर के थानों पर उपलब्ध कराया जाए। अभी केवल जिला मुख्यालय पर एक ड्रोन कैमरा आया है। एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि ड्रोन कैमरा आ जाने से निगरानी में आसानी होगी। यातायात व्यवस्था में भी सुधार लाया जाएगा।