संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। रोडवेज में उपलब्ध निगम की बसों के सापेक्ष चालकों की कमी संचालन व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों के लिए सिरदर्द साबित हो रही है। रोजाना 20 से 25 बसें परिसर व कार्यशाला में खड़ी हो रही हैं। लोकल रूट की कई सेवाएं बंद हैं।
चालकों की समस्या को दूर करने के लिए निगम की ओर से किए जा रहे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। डिपो स्तर पर कई बार चालकों की समस्या को दूर करने के लिए भर्ती अभियान चलाया गया था, हालांकि यह बहुत उत्साह जनक नहीं रहा है।
फ्लीट में अब 83 बसें हो गई हैं। इन्हें चलाने के लिए 170 चालकों की जरूरत है, जबकि 122 चालकों से काम चलाया जा रहा है।
हालत यह है कि चालकों की कमी के चलते दिल्ली, कानपुर व लखनऊ रूट के अलावा लोकल रूट पर भी बसों का आवागमन कम हो गया है।
कई सेवाएं बंद चल रही हैं, इसमें देवरिया से करायल, देवरिया से बारादीक्षित, देवरिया से बनकटा रुट शामिल हैं, ऐसे में उन यात्रियों को परेशानी हो रही है जो परिसर में या चौक-चौराहों पर खड़े होकर रोडवेज की बसों का इंतजार करते हैं।
रोडवेज प्रशासन की ओर से पिछले माह में कई भर्ती अभियान शुरू किए गए। भलुअनी, भागलपुर, पथरदेवा, रुद्रपुर आदि में शिविर लगाया इसमें केवल रुद्रपुर में लगे शिविर में ही दो चालक मिले हैं।