लोटन। लोटन कोतवाली क्षेत्र के फुलवरिया में रविवार देर शाम गलत इंजेक्शन लगाने से एक गर्भवती की जान पर बन आई। पीड़ित ओमप्रकाश पत्नी सरिता को लेकर काफी देर तक लेकर अस्पताल में भटकता रहा। आरोप है कि पेट में दर्द की शिकायत पर पहुंचने पर चिकित्सक ने उसे इंजेक्शन लगा दिया। घर लौटने पर सरिता की हालत बिगड़ गई। कुछ ही देर में ब्लीडिंग शुरू हो गई और भ्रूण बाहर आ गया। रविवार को वह अस्पताल संचालक के पास पहुंचा। आरोप है कि उसने देखने से इन्कार कर दिया। वह कई अन्य अस्पतालों में गया, लेकिन पत्नी का इलाज नहीं हो सका। लोगों की सलाह पर सीएचसी लोटन पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने गंभीर हाल देख मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार, लोटन कोतवाली क्षेत्र के फुलवरिया निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि उसकी पत्नी सरिता चार माह की गर्भवती थी। शनिवार की रात उसके पेट में दर्द होने लगा। वह लोटन कस्बे के एक निजी अस्पताल पहुंचा। चिकित्सक ने उसे दवा खाने को दी और इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद वह घर लौट आया। घर पहुंचते ही महिला को ब्लीडिंग शुरू हो गई और गर्भस्थ शिशु का भ्रूण नष्ट होकर बाहर आ गया। रविवार को वह पत्नी को लेकर उसी निजी चिकित्सक के पास पहुंचा तो डाॅक्टर देखने से मना कर दिया। वह पत्नी को बेहोशी की हालत में स्ट्रेचर पर लेकर कस्बे के कई डाक्टरों के पास गया, लेकिन डाॅक्टरों ने इलाज करने से मना कर दिया। राहगीरों की सलाह पर वह सीएचसी लोटन पहुंचा, जहां डाॅक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. आरके चौरसिया ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। शिकायती पत्र मिलने पर जांच करके कार्रवाई की जाएगी।