देवरिया। ठंड में इंफेक्शन की वजह से खांसी और जुकाम होने पर हल्के में न लें। इसे लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। इसका असर कान पर भी पड़ सकता है। इन दिनों लोगों को कान में दर्द, भारीपन, कम सुनाई देने की परेशानी हो रही है तो कुछ को कान से ब्लड भी आ रहा है। मेडिकल काॅलेज में इस तरह के मरीजों की संख्या बढ़ी है। रोजाना करीब 40 से 50 मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। डॉक्टर दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
इस बीमारी के ठीक होने में एक से दो सप्ताह का समय लग सकता है। तापमान गिरने से ठंड बढ़ी है। इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं और सर्दी, जुकाम से पीड़ित हो रहे हैं।
इसमें लापरवाही भारी पड़ रही है। इंफेक्शन से कान और गले को जोड़ने वाली नली में सूजन के कारण कान में दिक्कत हो रही है। कान में दर्द, भारीपन, कम सुनाई देने लग रहा है। कुछ को सुनाई देना बंद हो जा रहा है तो कुछ के कान से ब्लड भी आ जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग की ओपीडी में इस तरह के मरीजों में इजाफा हुआ है। हर रोज 40 से 50 मरीज आ रहे हैं। इनमें चार से पांच कान से ब्लड आने की शिकायत लेकर आते हैं। डॉक्टर दवा देने के साथ सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।