संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने मंगलवार को शहीदों के परिवार वालों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सैनिक होना अन्य नौकरियों की तरह नहीं है। सभी नागरिक शहीदों के परिवार के प्रति सहानुभूति नहीं, आदर का भाव रखें।
नेशनल पब्लिक स्कूल में समर्पण संस्था द्वारा आयोजित शहीदों के सम्मान कार्यक्रम राज्यपाल ने कहा कि 27 वर्ष की आयु में जिसने आत्म बलिदान दिया हो उसका परिवार देश के लिए कितना बड़ा कार्य करता है।
एक सैनिक अपने माता-पिता, भाई-बहन, पत्नी, बेटा-बेटी से प्यार करता है लेकिन इन सबसे अधिक व देश पर अपना प्यार लुटाता है। उन्होंने कहा कि सेना के वैज्ञानिक पक्ष टैंक, गोला, बारूद आदि हथियार होना अलग है। इसे चलाने का जज्बा हमारे सैनिकों के पास होता है। हमें उस जज्बे की जरूरत है। राज्यपाल ने आगे कहा कि उन्होंने कहा कि शहीद के प्रति सम्मान करना एक जज्बा है। आज हम शहीद को सम्मानित करने का काम कर रहे हैं। इसके जरिये हम यहां उपस्थित लोगों में देश के प्रति सेवा का जज्बा उत्पन्न करने का कार्य कर रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि 27 वर्ष की आयु में जिसने आत्म बलिदान दिया हो। उसका परिवार देश के लिए कितना बड़ा कार्य करता है। एक सैनिक अपने माता-पिता, भाई-बहन, पत्नी, बेटा-बेटी से प्यार करता है, लेकिन इन सबसे अधिक व देश पर अपना प्यार लुटाता है। उन्होंने कहा कि सेना के वैज्ञानिक पक्ष टैंक, गोला, बारूद आदि हथियार होना अलग है।
तेलंगाना के राज्यपाल ने आठ शहीदों के परिवार वालों को सम्मानित किया।
इसमें अमर शहीद संदीप मिश्र की पत्नी श्वेता मिश्रा, रामकिशोर यादव की पत्नी सरस्वती देवी, अमरनाथ यादव की पत्नी इंद्रावती देवी, शौर्य चक्र विजेता ज्योतिष प्रकाश सिंह की पत्नी सीमा सिंह, उग्रसेन त्रिपाठी की पत्नी ममता त्रिपाठी और लांस नायक प्रेमचंद की पत्नी तेतरी देवी, जवाहर लाल पांडेय की पत्नी गीता देवी, अशोक यादव की पत्नी कुसुमावती देवी और संतोष यादव की पत्नी धर्मशीला देवी को सम्मानित किया गया।