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बाढ़ ग्रस्त इलाके में डीएम, एसपी ने किया स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन

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बाढ़ ग्रस्त इलाके में डीएम, एसपी ने किया स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन
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रुद्रपुर। जिलाधिकारी आुशतोष निरंजन और पुलिस अधीक्षक डॉ. श्रीपति मिश्र ने रविवार को बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन कराया गया। क्षेत्र में आई आपदा में अवसर तलाश कर सीएमओ डॉ. आलोक कुमार पांडेय ने बाढ़ चौकी पिड़रा घाट पर बने अस्थाई स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन करने आए डीएम और एसपी का भव्य स्वागत किया।
जिलाधिकारी ने फीता काट कर शिविर का उद्घाटन किया। जिले के दो आला अधिकारियों ने सिंचाई विभाग की टीम के साथ बाढ़ प्रभावित इलाके के संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया। डीएम पांडेय माझा राजधर में हो रहे भीषण रिसाव का जायजा लिए। उन्होंने शीतल माझा, रतनपुर, तिघरा आदि जगहों पर राहत और बचाव कार्य तेज करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी राप्ती नदी पर बने सबसे लंबे तटबंध तिघरा मराछी पर दो जगह कटान स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने तिघरा और हड़हा में कई जगह हो रहे रिसाव स्थलों पर बचाव के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक डॉ. श्रीपति मिश्र ने संकट के दौर में सभी थानाध्यक्षों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया। कहा कि बांध की सुरक्षा और निगरानी में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तटबंधों पर दिन रात गश्त होनी चाहिए। बांध काटने में लिप्त पाए जाने पर अराजकतत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय, बीडीओ कार्तिकेय मिश्र, सिंचाई विभाग के एसडीओ रवि शंकर यादव, एसीएमओ डॉ. एसके चौधरी, डॉ. एसके राव, एलबी चौधरी, डॉ. राजेश सिंह, विकास कुमार आदि मौजूद रहे।
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खामियों को छुपाने के लिए सिंचाई विभाग ने बदल दिया रास्ता:सपा
रुद्रपुर। सपा नेता हरेंद्र सिंह त्यागी ने रविवार कहा कि सिंचाई विभाग अपनी नाकामी और खामियों को छुपाने के लिए जिले के आला अधिकारियों का रास्ता मोड़ दिए।
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उन्होंने बड़े साफगोई से संवेदनशील गांव और कटान स्थलों से डीएम और एसपी को दूर लेकर चले गए। डीएम और एसपी का यह दौरा महज औपचारिक बन कर रह गया। माझा भीमसेन में नाजुक स्थिति होने के बावजूद जिले के आला अधिकारी उसे देख नहीं पाए। वहां करीब दो मीटर बांध कट चुका है। गोर्रा नदी तेजी से बांध को काट रही है। बंधा कटा तो 64 गांव जल प्लावित हो जाएंगे।
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