देवरिया। शासन के निर्देश के बावजूद जनता की शिकायतों के समाधान में अफसर रूचि नहीं ले रहे हैं। एक ही समस्या को लेकर लोग अफसरों के कार्यालयों में बार बार चक्कर लगा रहे हैं। निस्तारण में देरी से शिकायतों का बोझ बढ़ता जा रहा है। इससे नाराज डीएम ने डीआईओएस, बीएसए, सभी एसडीएम, तहसीलदार, बारह ब्लॉक के बीडीओ समेत 35 अफसरों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का आदेश दिया है।
डीएम की इस कार्रवाई से अफसरों में खलबली मच गई है। अकेले जिलाधिकारी के जनता दर्शन के 1202 मामले लंबित हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री संदर्भ, ऑनलाइन संदर्भ, पीजी पोर्टल, तहसील दिवस, जनता दर्शन, जन सुनवाई और कॉल सेंटर से प्राप्त शिकायतें हजारों में हैं। डीएम अनिता श्रीवास्तव ने इन शिकायतों के पोर्टल पर लंबे समय से लंबित देखकर नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने कहा कि मासिक बैठकों में निर्धारित समय के भीतर शिकायतों के निस्तारण को लेकर कड़े निर्देश दिए गए। बावजूद इसके पोर्टल पर अत्यधिक मामलों के लंबित होना घोर लापरवाही और उदासीनता का नमूना है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में लापरवाही क्षम्य नहीं हैं। डीएम ने अग्रिम आदेश तक 12 बीडीओ और 23 अन्य अफसरों का वेतन रोकने का आदेश दिया।
इनका रूका वेतन
डीआईओएस, बीएसए, डीएसओ, सभी एसडीएम और तहसीलदार, उप निबंधक भाटपाररानी और रुद्रपुर, अधिशासी अभियंता बिजली सलेमपुर और देवरिया, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड और निर्माण खंड, अधिशासी अभियंता जल निगम, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड, गौरीबाजार, तरकुलवा, देवरिया सदर, देसही देवरिया, बरहज, भागलपुर, भाटपाररानी, भलुअनी, रुद्रपुर, लार, भटनी और बैतालपुर ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका देवरिया।