डीएम के हस्तक्षेप पर एसडीएम ने कराया समझौता
भाटपाररानी। आंदोलित सभासदों और नगर पंचायत कर्मचारियों के बीच मामले का पटाक्षेप शुक्रवार की शाम को हो गया। एक दिन पूर्व आंदोलित सभासदों द्वारा डीएम से मिलने पर डीएम ने इस मामले को गंभीरता से लिया था । डीएम के निर्देश पर एसडीएम ध्रुव कुमार शुक्ला ने दोनों पक्षों के बीच नगर पंचायत कार्यालय में बैठक कर दोनों के आरोप-प्रत्यारोप को विधिवत सुनने के बीच सुलह समझौता कराया। उन्होंने बोर्ड की अगली बैठक 27 फरवरी को निर्धारित किया।
बैठक आरंभ होते ही सभासद चंदन मद्धेशिया, हनुमान जायसवाल,सुनील वर्मा ने ईओ प्रमोद कुमार पर कई तरह के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में व्यापक स्तर पर धांधली की गई है। उन्हें पिछले तीन वर्षों में कराए गए कार्यों का लेखा-जोखा चाहिए। क्योंकि सभी कार्य बिना बोर्ड की बैठक के पास कराए ही किए गए हैं। टेंडर निकालने में भी धांधली की जाती है। कार्यों को चहेते ठेकेदारों से कराया जाता है और पूछने पर ईओ दुर्व्यवहार करते हैं। कमरे से बाहर भगाने की धमकी भी देते हैं। ईओ प्रमोद कुमार ने सभासदों के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सभी कार्य बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास कर ही कराए जाते हैं। आंदोलित सभासद बैठक में नहीं आते हैं और आते भी हैं तो बहिष्कार कर चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि दुर्व्यवहार करने का उनका आरोप बेबुनियाद है। बल्कि उल्टे ही ये सभासद उनसे हमेशा दुर्व्यवहार पर उतारू रहते हैं । इस पर सभी सभासद हंगामा करने लगे। इस पर एसडीएम ने दोनों के बीच बाद में सुलह समझौता करा दिया तथा अगली बोर्ड की बैठक 27 फरवरी को निर्धारित कर पिछले तीन वर्षों के कराए गए कार्यों का विवरण सभासदों को उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने आंदोलित सभासदों से उस दिन बैठक में प्रस्ताव देने को कहा, ताकि उस पर कार्य कराया जा सके। एसडीएम ध्रुव कुमार शुक्ला ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच सुलह समझौता करा दिया गया है।बोर्ड की अगली बैठक 27 फरवरी की होगी।बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष संजय कुमार, आंदोलित सभासद हनुमान जायसवाल, राजेंद्र जायसवाल, चंदन मद्धेशिया, सुनील वर्मा, अशोक कुमार, निधि पांडेय, फुलवसिया देवी, किरण देवी, राजेश गुप्ता, लक्ष्मण वर्मा आदि मौजूद रहे।