गोशाला में मिलीं खामियां, डीएम ने ईओ का वेतन रोका, सीवीओ को लगाई फटकार
सलेमपुर। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को मझौलीराज नगर पंचायत में बने स्थायी गोशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान मिली कमियों पर ईओ मझौलीराज एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को फटकार लगाई। ईओ का वेतन रोकते हुए डीएम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है, जो गो-आश्रय स्थल से जुड़ी कमियों पर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने गो-आश्रय स्थल में मानक विहीन निर्माण देखकर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने खड़ंजा निर्माण में प्रयुक्त दोयम ईंट और घटिया प्लास्टर कार्य पर ईओ पंकज कुमार को फटकार लगाई। नाली में प्रयुक्त सामग्री भी प्रथम दृष्टया घटिया क्वालिटी की मिली। डीएम ने पशुओं को छाया देने के लिए लगे एसबेस्टस शीट पर आश्चर्य व्यक्त किया। कहा कि एसबेस्टस शीट के प्रयोग पर रोक लगी हुई है। ईओ ने बताया कि कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को इस प्रोजेक्ट पर 72 लाख रुपये का भुगतान नगर पंचायत द्वारा किया गया है।
डीएम ने मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी पीएन सिंह को भी परियोजना की सही ढंग से मॉनिटरिंग न करने पर फटकार लगाई। डीएम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजन द्विवेदी, अधिशासी अभियंता सिंचाई दुर्गेश गर्ग और अधिशासी अभियंता आरईएस अबरार अहमद की त्रिसदस्यीय जांच दल का गठन किया है। यह समिति मंगलवार तक रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। डीएम ने कहा कि सरकारी धन की बर्बादी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की नीति भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की है। यदि जांच में किसी भी तरह की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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गोवंश को हरा चारा न मिलने पर जताई नाराजगी, ईओ का वेतन रोका
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने गो आश्रय स्थल की निरीक्षण के दौरान गोवंश को मिलने वाले चारे का निरीक्षण किया। नाद में सिर्फ सूखा चारा दिखा, जिस पर डीएम ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने इसकी जवाबदेही तय करते हुए ईओ का वेतन रोकने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि गोवंशों को हरा चारा, गुड़, चोकर, खली और नमक मिलना चाहिए।