संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सहालग में डीजे की आवाज लोगों के सुनने की शक्ति छीन रही है। शोर के चलते लोगों को और भी कई तरह की परेशानी हो रही है। जिस राह से बरात गुजर रही है, उधर से आने-जाने में दिक्कत हो रही है। ध्वनि प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। इसलिए कानाें से कम सुनाई देने के मामले भी सामने आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में रोज 15 से 20 मरीज पहुंच रहे हैं।
शहर में ध्वनि प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। सहालग में बरात अब इको फ्रेंडली नहीं हो पा रही है। डीजे के शोर से दिल धड़क रहा है, जिस राह से बरात गुजर रही है, वहां सड़क पर जाम की स्थिति बन जा रही है। वहीं आतिशबाजी के दौरान बारुद के धुंए वायु की गुणवत्ता को बिगाड़ रहे हैं।
मैरिज हाल के आसपास की आबादी रोजाना इन समस्याओं का सामना कर रही है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साइलेंस जोन में 40 डेसिबल से ज्यादा शोर प्रतिबंधित है। जबकि औद्योगिक क्षेत्र में सबसे ज्यादा 60 से 70 डेसिबल का मानक है। विशेषज्ञाें के अनुसार मालवीय रोड, कसया रोड, न्यू कालोनी जैसे साइलेंस जोन में गाड़ियों के तेज हार्न, बरात, डीजे और जुलूस के शोर से प्रदूषण का स्तर 80 से 90 डेसिबल तक पहुंच जा रहा है।
यही वजह है कि शहर भर के तमाम आवासीय क्षेत्रों में बुजुर्ग, अस्पतालों में बीमार, स्कूल-कॉलेजों में छात्र परेशान हैं। धार्मिक स्थलों में पूजा-पाठ जा रहे उपासक भी इससे विचलित होते जा रहे हैं।
डॉक्टरों की भी सलाह है कि साइलेंट जोन में भले रहते हो, लेकिन अगर शोरगुल वाले माहौल में काम करते हैं तो साल में सुनने की क्षमता की जांच अवश्य करा लें। ऐसा भी हो सकता है आप खुद को फिट समझते हो, पर जांच में बीमारी सामने आ जाए।
पूरी सड़क को घेरकर चल रहे बराती, आवागमन हो रहा बाधित
रात में आठ बजे के बाद शहर में निकलने लायक नहीं है। जिधर जाइए उधर बरात है। गली मोहल्लों से लेकर प्रमुख मार्गों पर के किनारे छोटे-बड़े मैरेज हॉल व होटल में शादी पार्टियां आयोजित हैं।
इसमें आने जाने वाले लोग सड़कों के किनारे आड़ी तिरछी गाड़ियां खड़ी कर दे रहे हैं। कसया रोड निवासी राजेश चौरसिया ने बताया कि आसपास मैरेज हाल और होटल होने की वजह से हम लोगों का इधर रहना दुश्वार हो गया है। शोरगुल तो अलग से हर दिन सुनना पड़ रहा है। घरों के सामने तक लोग चारपहिया व दोपहिया खड़ी कर दे रहे हैं।
ऐसे में खुद कहीं जाना हो तो घर से निकलना मुश्किल हो रहा है। बोलने पर विवाद होने की स्थिति बन जा रही है। रुद्रपुर मोड़ के कठिनईया निवासी शशांक सिंह ने बताया कि बरात निकालने के दौरान लोगों को आवागमन की सुध बिल्कुल नहीं रह रही है।