बरहज। मृत गोताखोर का शव गांव आने पर मची चीख पुकार। सोशल मीडिया
सरयू नदी में डूबे मजदूर की तलाश के दौरान गोताखोर सुरेंद्र साहनी डूब गए थे
संवार न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी में डूबे मजदूर धरमू की तलाश के दौरान बृहस्पतिवार को डूबे गोताखोर सुरेंद्र साहनी का शव पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार की शाम करीब छह बजे गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिजनों और आसपास के लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने शव रखकर बरहज-गौरा मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी मुआवजा और क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर सड़क पर बैठ गए। देर रात तक धरना-प्रदर्शन चलता रहा।
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मृतक के परिवार को तत्काल नकद मुआवजा दिया जाए। आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन पांच थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात कर दी। बरहज-गौरा मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना पर पहुंचे एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से मृतक के परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि नगर पालिका परिषद में आउटसोर्सिंग के आधार पर परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। साथ ही वाल्मीकि राहत कोष के तहत मृतक के दो बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
हालांकि प्रशासनिक आश्वासन के बावजूद प्रदर्शनकारी नकद मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और तत्काल नकद सहायता आवश्यक है। इसी मांग को लेकर देर रात तक सड़क पर धरना चलता रहा। देर रात तक तनावपूर्ण बनी हुई थी और पुलिस बल मौके पर तैनात था। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है।