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राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम में जिले की स्थिति खराब

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम में जिले की स्थिति खराब
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देवरिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम की अक्तूबर माह की रैंकिंग में स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही उजागर हुई है। टॉप टेन में शामिल जनपद खिसक कर 61वें पायदान पर पहुंच गया है। इसे लेकर सीएमओ ने बृहस्पतिवार को बैठक की और मातहतों पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र स्थिति में सुधार करने का निर्देश दिया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम पर हर वर्ष सरकार लाखों रुपये खर्च कर रही है। सीएचसी, पीएचसी के अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मियों को कार्यक्रम के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी है। साथ ही एनएचएम की ओर से भी कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा डाटा इंट्री आपरेटर भी तैनात किए गए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम में प्रदेश में जनपद सातवें स्थान पर था, लेकिन अक्तूबर माह की समीक्षा में स्वास्थ्य कर्मियों, अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई है। इस बार जिले को 61वां स्थान प्राप्त हुआ है। इसे लेकर सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने बृहस्पतिवार को सीएचसी के अधीक्षकों, पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारियों व डाटा आपरेटरों की बैठक बुलाई।
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इसमें सभी पर नाराजगी जताई गई और कार्य में सुधार लाने की हिदायत दी। कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को गंभीरता से लें और मनोयोग से कार्य करें, ताकि जनपद का प्रदर्शन बेहतर हो और प्रदेश में अच्छा स्थान बना सके। इस संबंध सीएमओ ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम में सभी लोग जुटे हैं। कार्य हो रहे हैं, डाटा अपलोड किया था, लेकिन कमेटी डाटा अपडेट नहीं होने की बात कह रही है। जिसकी वजह से जनपद को 61वां स्थान मिला है। बैठक में सबको ठीक से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र सब कुछ ठीक हो जाएगा।
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