देसही देवरिया। स्थानीय जिला ग्राम्य विकास प्रशिक्षण संस्थान से कुशीनगर के बाद अब महराजगंज भी अलग होगा। महराजगंज में भी यह संस्थान बनाए जाने के लिए शासन स्तर से कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए भूमि सर्वेक्षण टीम ने भूमि का भौतिक सत्यापन कर अपनी संस्तुति दी है। महराजगंज में भी अलग संस्थान बन जाने से अब वहां के लोगाें को प्रशिक्षण के लिए देवरिया नहीं आना पड़ेगा।
देसही देवरिया ब्लॉक मुख्यालय के पास स्थित जिला ग्राम्य विकास प्रशिक्षण संस्थान में जिले के अलावा कुशीनगर और महराजगंज जिलों केकर्मचारियों को भी सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है क्योंकि कुशीनगर और महराजगंज में प्रशिक्षण संस्थान नहीं हैं। कुशीनगर में प्रशिक्षण संस्थान के निर्माण की जरूरी औपचारिकताओं को पूरी कर स्वीकृति के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर शासन स्तर से वित्तीय और प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। इसके लिए चार करोड़ 51 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
अब महराजगंज में भी जिला ग्राम्य विकास प्रशिक्षण संस्थान बनाए जाने की कवायद तेज हो गई है। भौतिक सत्यापन कर भूमि चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय टीम ने महराजगंज के सिसवा ब्लॉक में तीन जगह भूमि का सत्यापन कर अपनी संस्तुति डीएम को सौंप दी है। शासन स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद महराजगंज में भी प्रशिक्षण संस्थान बनने का मार्ग साफ हो जाएगा। इससे वहां के प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण के लिए अब देवरिया नहीं आना पड़ेगा।
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कोट
महराजगंज जिले में जिला ग्राम्य विकास प्रशिक्षण संस्थान निर्माण के लिए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर तीन जगह सरकारी भूमि देखकर भौतिक सत्यापन किया गया। सिसवा ब्लॉक में करीब पांच एकड़ में बने बंद निराश्रित पशु आश्रय केंद्र को भी इसके लिए देखा गया है। संस्तुति रिपोर्ट वहां के डीएम को सौंप दी गई है।
अरुण कुमार पांडेय, जिला ग्राम्य विकास प्रशिक्षण संस्थान अधिकारी