कुंडौली गो आश्रय का अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत ने किया निरीक्षण
लार रोड। गो आश्रय केंद्र कुंडौली में 13 बछड़ों की मौत के बाद मंगलवार को जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी अर्जुन सिंह ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र के प्रभारी और जिला पंचायत के निरीक्षक पारसनाथ दूबे को निलंबित कर दिया। केयरटेकर को भी बदल दिया। परिसर से गंदगी हटवाने और व्यवस्था में सुधार के लिए जिला पंचायत के जेई को जिम्मेदारी दी गई है। बीमार पशुओं का इलाज भी कराया गया।
कुंडौली चौराहे पर स्थित गो आश्रय केंद्र में 45 लावारिस गोवंश रखे गए हैं। एक सप्ताह पहले यहां तैनात केयरटेकर कहीं चला गया। भूख-प्यास से बेहाल 13 पशुओं की तीन दिन में मौत हो गई है। यह मामला मीडिया में आने के बाद मंगलवार को जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी अर्जुन सिंह ने पशु आश्रय केंद्र पहुंचकर निरीक्षण किया। परिसर में चारों तरफ गंदगी और बीमार पशु मिले। पर्याप्त मात्रा में भूसा-दाने का भी इंतजाम नहीं था।
अपर मुख्य अधिकारी ने जिला पंचायत के जेई दिनेश कुमार को परिसर में नाली दुरुस्त कराने, फर्श को एक फुट ऊंचा उठाने, नाद के पास पानी लीकेज को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। गंदगी देखकर नाराजगी जताते हुए तुरंत साफ-सफाई करने के निर्देश दिए। पशु चिकित्सा विभाग के डाॅ. अजय कुमार जायसवाल, डाॅ. वेद प्रकाश, डाॅ. राम श्याम सिंह, छोटन सिंह आदि ने पशुओं की जांच की। अपर मुख्य अधिकारी ने बताया कि तीन केयरटेकरों को पशुओं की देखभाल में लगाया गया है।
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डीएम के संज्ञान में आया मामला, तब जागे जिम्मेदार
कुंडौली गो आश्रय केंद्र में गोवंश की मौत का मामला तीन दिन से चल रहा था। ग्रामीण इसके लिए अपने स्तर से अधिकारियों से शिकायत भी कर रहे थे मगर कोई इसका संज्ञान नहीं ले रहा था। सोमवार को मामला मीडिया में आने के साथ ही डीएम मधुसूदन हुल्गी की जानकारी में आया। देर शाम डीएम ने एसडीएम सलेमपुर से इस पर जानकारी मांगी। इसके बाद एसडीएम ने जिला पंचायत, पशुपालन विभाग और ब्लॉक के जिम्मेदारों को मौके पर जाने के निर्देश दिए। मंगलवार को पशुपालन विभाग के डॉक्टर व कर्मचारी बीमार पशुओं का इलाज करने पहुंचे।