देवरिया। राष्ट्रीय दिव्यांग एकता मंच के बैनर तले अक्षम प्रमाणपत्र के लिए कलक्ट्रेट में मंगलवार को दिव्यांगों का क्रमिक अनशन जारी रहा। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने आरोप लगाया कि शासनादेश के बाद भी स्वास्थ्य विभाग अक्षम प्रमाणपत्र बनाने में सौतेला व्यवहार कर रहा है।
शासनादेश के अनुसार 40 प्रतिशत दिव्यांग होने पर अक्षम प्रमाणपत्र बन जाता है, लेकिन मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से बनाए गए मेडिकल बोर्ड के चिकित्सक 80 प्रतिशत दिव्यांगता होने का हवाला देकर लौटा दे रहे हैं। इससे नाराज होकर दिव्यांगों ने कलक्ट्रेट में क्रमिक अनशन शुरू किया है। क्रमिक अनशन के दौरान मंगलवार को दिव्यांगों ने डीएम दिव्या मित्तल से मुलाकात की। उन्होंने नए सीएमओ से मिलने की बात कहकर लौटा दिया। दिव्यांगों का कहना है कि जब तक अक्षम प्रमाण पत्र जारी नहीं हो जाता तब तक अनशन जारी रहेगा। इस दौरान अजय कुमार, सतेंद्र यादव, उपेंद्र कुमार शर्मा, सत्यवान, सोनू, प्रदीप कुमार आदि माैजूद रहे। संवाद