खुखुंदू। क्षेत्र के बरवां उपाध्याय गांव में अधेड़ की पीटकर की गई हत्या में फरार चल रहे मुख्य दो हत्यारोपियों में से एक ने रविवार को थाने में पहुंचकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
हालांकि पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दूसरे जनपदों में दबिश देती रही। अब भी एक मुख्य हत्यारोपी फरार चल रहा है। पुलिस ने हत्यारोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। खुखुंदू क्षेत्र के बरवां उपाध्याय गांव में दस दिन पहले बाइक तेज चलाने से मना करने पर गांव के ही हत्यारों ने दिनेश गुप्ता (50) की पीटकर हत्या कर दी थी, जबकि तारकेश्वर गुप्ता (40), राजू गुप्ता, राजन कुशवाहा, अभिषेक गुप्ता, राहुल गुप्ता, जयप्रकाश गुप्ता और विशाल को मारपीट कर घायल कर दिया गया था।
गंभीर रूप से घायल तारकेश्वर गुप्ता का भी सात दिनों तक लखनऊ में इलाज चलने के दौरान बुधवार को मौत हो गई थी।
मामला सीएम दरबार में पहुंचने के बाद एसपी विक्रांत वीर ने फरार चल रहे मुख्य तीन हत्यारोपियों मुकेश यादव, विशाल यादव और विनय यादव का लुकआउट जारी करा दिया।
हालांकि लुकआउट जारी होने के दूसरे दिन मुकेश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे मेडिकल कराने ले जा रही थी कि रास्ते में शौच के बहाने खाड़ी रोकवा कर मुकेश ने पुलिस कर्मी की पिस्टल छिन फायर कर दिया। पुलिस की जबानी कार्रवाई में मुकेश के पैर में गोली लग गई।
पुलिस ने गिरफ्तार राम गणेश यादव, मनीष यादव, मुकेश यादव और अनिल यादव को जेल भेज दिया है। जबकि फरार चल रहे विनय और विशाल को पुलिस बिहार बार्डर के आसपास जिलों में दबिश देकर ढूंढ रही थी। विनय यादव रविवार को बड़े ही नाटकीय ढंग से पुलिस की आंखों में धूल झोंक खुखुंदू थाने पहुंच आत्मसमर्पण कर दिया है। एसओ दिग्विजय सिंह ने बताया है कि मुख्य हत्यारोपियों में फरार चल रहा एक हत्यारोपी विनय यादव थाने पहुंच सरेंडर कर दिया है। उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए भविष्य में ऐसी गलती नहीं करने की बात कही। उसे न्यायालय में पेश किया गया है। जहां से न्यायालय ने न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। विशाल यादव को भी बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।