बरहज। नंदना वार्ड पश्चिमी स्थित एक शिक्षण संस्थान में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित विश्वनाथ त्रिपाठी के 21वें स्मरण पर्व पर पांच दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा का आयोजन किया गया है। कथा के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को कथावाचक पीयूष मिश्र ने भक्तों को रामजन्म की कथा का रसपान कराया। जिसे सुनकर लोग आह्लादित हो उठे।
कथावाचक ने कहा कि चैत्र मास के शुक्ल पक्ष नवमी तिथि अत्यंत पवित्र और शुभ दिन माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु के लिए प्रिय होता है। इसी दिन प्रभु श्रीराम का अवतरण हुआ था। कथावाचक ने कहा कि पृथ्वी पर असुरों के अत्याचार से धरती त्राहि माम-त्राहि माम कर रही थी। पृथ्वी और देवताओं की पुकार सुनकर प्रभु श्रीराम ने अयोध्या में जन्म लेकर दुष्टों का संहार किया था। मौके पर वीरेंद्र त्रिपाठी, अरविंद त्रिपाठी, रामगोपाल आदि मौजूद रहे। संवाद