शव सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन करते लोग
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महाराष्ट्र में मजदूरी करने गए युवक का तीन दिन पहले संदिग्ध हालत में मौत हो गई। बृहस्पतिवार की सुबह उसका शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। उसकी हालत देख लोग आक्रोशित हो गए और हत्या का आरोप लगाते हुए सलेमपुर-मैरवा मार्ग जाम कर दिया, जिसके चलते सड़क के दोनों तरफ वाहनों का कतार लग गया।
करीब आधे घंटे तक मुख्य मार्ग जाम रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कह मामले को शांत कराई। उसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मझौलीराज नगर के वार्ड नंबर 13 निवासी नौशाद (35) पुत्र वकील अहमद एक माह पूर्व अपने दो साथी कमलेश व सेठी के साथ महाराष्ट्र के सिंधु दुर्ग में एक निजी कंपनी में मजदूरी करने के लिए गए थे।
21 अक्टूबर को संदिग्ध हालत में नौशाद की महाराष्ट्र में मौत हो गई। बृहस्पतिवार की सुबह उसका शव महाराष्ट्र से घर पहुंचा। शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। नगर के लोगों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव मुख्य मार्ग पर रख कर जाम कर दिया और कार्रवाई की मांग करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत कराया।
पत्नी मुन्नी खातून ने पुलिस को तहरीर देकर बताई कि एक माह पहले मेरे पति को नगर के एक व्यक्ति ने मजदूरी करने के लिए घर से जबरन लेकर चले गए। 21 अक्टूबर को मेरे पास फोन आया कि आपके पति की हालत बहुत गंभीर है। उसके बाद बृहस्पतिवार की सुबह मेरे पति का शव लेकर घर भेज दिया गया।
उनकी हत्या की गई है, आरोपितों पर कार्रवाई की मांग की। मामला को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया। कोतवाल महेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि तहरीर मिली है, शव पीएम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। मृतक नौशाद का एक बेटा शहीद 8 वर्ष व बेटी अलीशा 5 वर्ष साल की है।