देवरिया के गंडक नदी में नहाते समय किशोर को बचाने के प्रयास में सात लोग डूब गए। इनमें से पांच की मौत हो गई। मरने वालों में दो मां-बेटे और एक युवती शामिल है। दस-दस साल के बच्चों की हालत गंभीर है। मुख्यमंत्री योगी ने घटना पर दुख जताया है।
उत्तर प्रदेश के देवरिया के रतनपुरा घाट पर छोटी गंडक नदी में नहाते समय तीन महिलाएं और चार बच्चे डूब गए। किसी तरह सभी को बाहर निकाला गया तब तक दो बच्चों और तीन महिलाओं की मौत हो चुकी थी। दो बच्चों की हालत गंभीर है, उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
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एक बच्चे को डूबने से बचाने के प्रयास में एक-एक बाकी छह डूब गए। मरने वालों में दो मां-बेटे और एक युवती शामिल हैं। हादसा बुधवार शाम करीब छह बजे हुआ। घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख प्रकट किया है।
तरकुलवा थाना क्षेत्र के गांव पचरुखिया की शकीना पत्नी शहाबुद्दीन, आशिया पत्नी मजरूद्दीन के साथ पलक पुत्री हारून, टिंकू (11) पुत्र शहाबुद्दीन, दिलशान (13) पुत्र मजरुदीन और रिश्तेदारी में आया आयान पुत्र फिरोज व आशिया पुत्री महमूद गर्मी से राहत पाने के लिए नहाने के लिए रतनपुरा स्थित छोटी गंडक नदी के घाट पर पहुंचे। नहाते समय टिंकू गहरे पानी में चला गया।
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उसे बचाने के प्रयास में एक-एक कर बाकी छह लोग भी डूबने लगे। इन्हें डूबता देखकर पशु चरा रहे लोग शोर मचाते हुए आए और बचाने के लिए नदी में कूद गए। इसी बीच कई ग्रामीण भी पहुंच गए। सभी बचाने के प्रयास में लग गए। काफी कोशिश के बाद डूब रहे लोगों को एक-एक करके नदी से बाहर निकाला गया।
हालत देखकर सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां शकीना (40) और उनके बेटे टिंकू (12), आशिया खातून (40) और उनके बेटे दिलशान (14), आशिया (25) पत्नी महमूद की मौत हो गई। पलक (10) पुत्री हारून और आयान (10) पुत्र फिरोज की हालत गंभीर है। इन्हें डॉक्टरों ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है।
घटना की जानकारी होने पर जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा मौके पर पहुंचे। एएसपी राजेश कुमार और सीओ श्रीयश त्रिपाठी ने अस्पताल पहुंचकर अचेत लोगों के बारे में जानकारी ली।
कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही और सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। कृषि मंत्री ने बताया कि मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता सहित अन्य मदद दी जाएगी।
एक दिलशान को बचाने में पांच की हो गई मौत
नदी में सभी एक साथ स्नान कर रहे थे, लेकिन इसी बीच दिलशान गहरे पानी में चला गया और चिल्लाने लगा मम्मी-मम्मी मुझे बचा लो। यह देख उसकी मां बचाने पहुंची, इसी चक्कर में वह भी गहरे पानी में डूबने लगी। उसे देख अन्य तीनों भी लपके और डूबने लगे। पलक और आयन चिल्लाने लगे तो पशु चरा रहे आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। किसी तरह स्थानीय नाविकों व ग्रामीणों ने सभी बाहर तो निकाला, लेकिन पांच की जिंदगी नहीं बचा पाए।
मां की ममता मौत पर भारी
तरकुलवा थाना क्षेत्र के रतनपुरा छोटी गंडक नदी में मौत के मंजर ने भले ही वहां मौजूद लोगों को झकझोर दिया है। लेकिन इस घटना में मौत का भयावह मंजर माताओं की ममता को डिगा नहीं सकी। अपनी आंखों के सामने डूबते हुए अपने कलेजे के टुकड़ों को बचाने में खुद उन्होंने खुद के डूब जाने की तनिक भी परवाह नहीं कीं। गंडक नदी का गहरा पानी भी ममता को विचलित नहीं कर पाई। तभी तो बेटे साजिद को डूबता देखकर मां सकीना और दिलशान को बचाने के लिए अमम्मी आशियां गहरे पानी में चली गईं और खुद डूब गईं। मां की ममता मौत पर भारी होने की चर्चा लोग दबी जुबान पर कर रहे हैं।