देवरिया। स्वतंत्रता दिवस से पूर्व बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें डीएम दिव्या मित्तल सहित रेडक्राॅस सोसाइटी ने टीबी से ग्रसित 50 मरीजों को गोद लिया। जिलाधिकारी ने पांच टीबी मरीजों को गोद लिया। रेडक्राॅस सोसाइटी की ओर से टीबी मरीजों को पोषण सामग्री की पोटली प्रदान की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी के सहयोग से टीबी हारेगा, देश जीतेगा। क्षय रोगियों को रोग से जल्द छुटकारा दिलाने के लिए हाई प्रोटीन आहार की जरूरत होती है। इसलिए टीबी के सभी मरीज हाई प्रोटीन आहार का सेवन करते रहें। इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाएं मदद कर ही रही हैं। रोगियों की मदद को आगे आए रेडक्राॅस सोसाइटी का आभार व्यक्त किया और आगे भी उन लोगों से इसी तरह के सहयोग की अपेक्षा की। सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि विभाग की ओर से भी हर टीबी मरीज को निक्षय पोषण योजना के तहत उपचार चलने तक प्रतिमाह पांच सौ रुपये दिए जाते हैं। यह धनराशि मरीज के खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है। टीबी मरीज किसी भी हाल में उपचार पूरा होने तक दवा बीच में बंद न करें। पूरा उपचार किए बिना दवा बंद करना मरीज के लिए घातक साबित हो सकता है। अक्सर लोग जानकारी के अभाव में बिना चिकित्सकीय परामर्श के इलाज के दौरान थोड़ा सा आराम आने की स्थिति में दवा लेना बंद कर देते हैं, जो गलत है। इससे उनकी बीमारी और भी बिगड़ जाती है।
रेडक्राॅस सोसाइटी के अखिलेंद्र शाही, नितिन बरनवाल, डॉ. बिपिन बिहारी शर्मा, डॉ. रीतू सिंह ने दो-दो, सोसाइटी के सभापति रमेश चंद्र सिंह, उप सभापति टीपी सिंह, डॉ. मिथिलेश सिंह सिंह, वकील सिंह, टीपी सिंह, मिथिलेश, राजकुमार अग्रवाल, जावेद अहमद, डॉ. भावना सिन्हा, नवनीत अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, हिमांशु सिंह, हिमांशु तिवारी, विष्णु अग्रवाल, डॉ. अखिलेश त्रिपाठी व अन्य लोगों ने एक-एक टीबी मरीज को गोद लिया।
इस दौरान मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा, डीटीओ डॉ. रंजीत कुशवाहा, डीपीसी देवेंद्र प्रताप सिंह, एचआईवी टीबी समन्वयक चंद्र प्रकाश त्रिपाठी, मांधाता सिंह, अभिषेक सिंह, विनय, सद्दाम, कृष्णा, विश्वनाथ मल्ल, गिरिजेश मिश्रा, अरुण बरनवाल, तपन कुमार, दीपक मिश्रा, अमर नाथ गुप्ता, अजय प्रताप आदि मौजूद रहे।
मेडिकल कॉलेज की पीडियाट्रिक टीम, पीएचसी रामपुर कारखाना की टीम व एंबुलेंसकर्मी सम्मानित
देवरिया। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में डीएम दिव्या मित्तल ने मेडिकल कॉलेज की पीडियाट्रिक टीम, पीएचसी रामपुर कारखाना की टीम व एंबुलेंस कर्मियों को सम्मानित किया।
पं. दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय महेरौना के छात्र फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए थे। मेडिकल कॉलेज में भर्ती कर 63 बच्चों का इलाज किया गया। डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के अथक प्रयास से सभी बच्चे स्वस्थ होकर घर चले गए। फूड प्वाइजनिंग से बीमार पड़े बच्चों के इलाज में लगी मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक वार्ड और स्वास्थ्य विभाग की पीएचसी रामपुर कारखाना के चिकित्सकों की टीम, 108 एंबुलेंस टीम सहित डिजिटल एक्स-रे टीम को जिलाधिकारी ने प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मेडिकल कॉलेज की टीम के तरफ से सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा, बालरोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. इकबाल, डॉ. अश्वनी पांडेय व पीएचसी के एमओआईसी डॉ. विनीत को प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार दिया गया।