बरहज। सरयू नदी में सैलाब उमड़ आया है। जिससे नदी खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर 30 सेंटीमीटर से ऊपर 67.80 मीटर पर बह रही है। सरयू का जलस्तर थमने के तीसरे दिन पांच सेमी की बढ़त दर्ज की गई है। नदी के उफनाने से चारों ओर पानी ही पानी हो गया है। कटइलवा गांव के निकट नदी नवीन बांध पर सीधे टकरा रही है। जानकारी होने पर विभाग बचाव कार्य में जुट गया है।
सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी के नेतृत्व में जेई नागेंद्र सिंह ने कटइलवा नवीन बांध पर नदी के ओर से दबाव बनाने वाले प्रभावित क्षेत्र पर कटान रोधी कार्य शुरू करा दिया है। धारा सीधी होकर बंधे से टकराने लगी है। जिससे बांध पर करीब 10 मीटर चौड़ा क्षेत्र प्रभावित हो गया है। बाढ़ खंड विभाग पूरे दिन प्रभावित स्थली पर मिट्टी भरे जियो बैग के जरिए दुरुस्त करा रहा था। सरयू के उफनाने से राप्ती नदी में भी बाढ़ आ गई है। तीन दिन बाद एक बार फिर नदी ने पांच सेमी की बढ़त बनाया है। जलस्तर में इजाफा होने से तटवर्ती गांवों के लोगों की नींद उचट गई है। परसियां देवार के भरटोला, चौधरीपुरा, नकिहवां, महोब टोला, जबकि विशुनपुर देवार के स्कूलहिया, कत्लहिया, दलित बस्ती, चौहान, लोहार, बांके, किशुन, जैतुन टोला, नई दलित बस्ती, जरलहवा, रामदरश आदि टोलों में पानी घुस गया है। जबकि भदिला प्रथम गांव पूर्ववत टापू बना हुआ है। यहां के लोगों की आवाजाही नाव के जरिये हो रही है। उग्रसेन पुल के निकट गोरखपुर जनपद के विस्थापित कोलखास गांव में लोगों के दरवाजे तक पानी लगा हुआ है।
कोट-
जलस्तर में पांच सेमी का इजाफा हुआ है। आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में मुश्किलें बढ़ी हैं। फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है।
अशोक द्विवेदी सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग