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Deoria News: जांच न निगरानी...कागजात में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

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देवरिया। मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा पर सवाल उठना लाजमी है। सोमवार को पांचवीं मंजिल पर पानी की टंकी में शव मिलने के बाद अफसरों के कान खड़े हो गए हैं। इसके पहले भी कई बार मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा में चूक हो चुकी है, मगर जिम्मेदार सबक नहीं लिए।
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शव मिलने के दूसरे दिन मंगलवार को भी मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा में लापरवाही सामने आई। दोपहर करीब 12 बजे डीएम के निर्देश पर टीम जांच कर रही थी, मगर ओपीडी के मुख्य गेट के अलावा इसमें जाने के लिए बने तीनों सीढ़ी के पास के एंट्री दरवाजे पर एक भी गार्ड नहीं दिखे।
इसके अलावा गेट नंबर एक पर एक गार्ड मौजूद था। कोई आए-जाए किसी को रोकना-टोकना उचित नहीं समझ रहा था। यही हाल एमसीएच विंग भवन का रहा। यहां के मुख्य दरवाजे पर गार्ड नजर नहीं आए। यही वजह रही कि घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद डीएम दिव्या मित्तल ने भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन की सुरक्षा में चूक माना और प्राचार्य को कड़ी हिदायत दी।
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मेडिकल कॉलेज परिसर में ओपीडी बल्डिंग के पांचवीं मंजिल पर पानी टंकी में करीब छह दिन पुराना शव मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में आ गया है।
लाखों रुपये सुरक्षा व्यवस्था पर खर्च होने के बाद भी इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई और करीब 10 फुट ऊपर पानी की टंकी में शव कैसे पहुंच गया, इसको लेकर सुनने व देखने वाले भी हैरान हैं। मेडिकल कॉलेज के जिस भवन के छत पर शव मिला है, वहां रोजना दो हजार से अधिक की भीड़ रहती है।
इसके अलावा सौ से अधिक मरीज वार्डों में रहते हैं। साथ ही, दो दर्जन स्टाफ रात में ड्यूटी करते हैं। दोपहर 12:20 बजे ओपीडी के पश्चिम तरफ बने एंट्री दरवाजे पर एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं थे। मुख्य गेट पर 12:30 बजे कोई गार्ड नजर नहीं आया। पर्ची काउंटर के पास 12:55 बजे दो गार्ड भीड़ के बीच खड़े रहे।
वहीं ओपीडी भवन के पूरब दिशा से एंट्री वाले दरवाजे पर भी दोपहर एक बजे कोई सुरक्षाकर्मी नहीं दिखा। 1:10 बजे इमरजेंसी गेट पर एक गार्ड मौजूद था, जबकि बाहर पेड़ के नीचे दो गार्ड बैठकर बात कर रहे थे। पूछने पर बताया कि एंबुलेंस से आने वाले मरीज को उतारने में मदद करने के लिए या वाहन इधर-उधर लोग खड़ा करते है, इसलिए बाहर रहना पड़ता है।
दोपहर 1:30 बजे मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर एक पर एक गार्ड पंखा के सामने बैठा था। बाइक लेकर या पैदल कोई आए-जाए कोई रोक टोक नहीं रही। यही हाल मेडिकल कॉलेज के छात्रों के आवास की तरफ जाने के लिए उत्तर दिशा में एक गेट बना है। दोपहर दो बजे इस गेट से लोग आते-जाते नजर आए, जबकि गार्ड यहां पर भी तैनात रहे।
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