देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के ओपीडी बिल्डिंग के पांचवीं मंजिल के पानी की टंकी में शव मिलने की जांच सीडीओ प्रत्यूष पांडेय के नेतृत्व में टीम ने शुरू कर दी है। मंगलवार को करीब तीन घंटे तक टीम रिकाॅर्ड रूम में जमी रही और करीब एक महीने के अंदर भर्ती मरीजों की बीएचटी को खंगाला।
इसमें जीआरपी की ओर से 17 सितंबर को भर्ती कराए गए लावारिस मरीज 18 सितंबर को वार्ड से गायब पाया गया, मगर उसके सिर पर चोट था, जो शव मिला है, उसके शरीर पर कहीं चोट के निशान नहीं हैं। सिर्फ हाथ में सिरिंज लगी है। काफी माथा-पच्ची के बाद टीम की जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
जांच टीम में सीडीओ, सीआरओ, सीओ सिटी, एडीएम और एसीएमओ शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, पानी की टंकी के पास जो बेड शीट मिली है उस पर 25 सितंबर की मुहर लगी है, इसकी मदद से पुलिस तह तक जाने के प्रयास में लगी है।
बीएचटी में एक सप्ताह के अंदर कोई मरीज गायब नहीं मिला। लावारिस मरीज को 17 सितंबर को देवरिया की जीआरपी ने भर्ती कराया था। जीआरपी सिपाही का जीडी तलब किया गया है। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे को भी पुलिस खंगाल रही है।
मेडिकल कॉलेज के भवन पर जहां पानी की टंकी है, वह मुख्य दरवाजे के ऊपर है। वहां जाने के लिए भवन के पश्चिम और दक्षिण दिशा के कोने वाली सीढ़ी या लिफ्ट का इस्तेमाल किया गया होगा। क्योंकि वहां जाने के लिए दूसरा कोई रास्ता नहीं है। छत पर लगे दरवाजा की कुंडी टूटी है, इसकी जानकारी तक जिम्मेदारों को नहीं थी।
जांच टीम के हाथ अभी कोई ऐसा साक्ष्य नहीं लगा है जिससे वह अज्ञात शव की पहचान या घटना में शामिल लोगों तक पहुंचने में मददगार साबित हो सके। सीडीओ प्रत्यूष पांडेय ने बताया कि जांच चल रही है।