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Deoria News: कृत्रिम पनीर खपाकर मालामाल हो रहे धंधेबाज

Thu, 29 May 2025 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
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देवरिया। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई करने के बावजूद धंधेबाज सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।
सहालग के दौरान मिलावटखोर आसपास के जिलों से मिलावटी पनीर मंगा कर यहां खपा रहे हैं। जबकि गोरखपुर के पिपराइच से रोजाना 300 क्विंटल कृत्रिम पनीर मंगाकर खपाने की बात भी सामने आई है।
इसके अलावा यहां भी मिठाई और पनीर रात में तैयार किया जाता है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देवरिया की थोक मंडी से रोजाना 10 लाख से अधिक का मिल्क पाउडर इधर बिक जा रहा है।
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शहर से लेकर देहात क्षेत्रों तक में मिष्ठान की दुकान वालों ने अपना गोदाम थोड़ी दूर हटकर बनाया है। यहां पर धंधेबाज मिलावटी पनीर बनाकर लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
धंधेबाज कपड़े धोने वाले डिटर्जेंट में इस्तेमाल होने वाले रीठा, फैब्रिक ह्वाइटनर, इलेक्ट्रोप्लोटिंग पाउडर जैसे नुकसानदायक केमिकल मिलाकर कृत्रिम पनीर तैयार कर दे रहे हैं।
गोरखपुर के पिपराइच के बरईपार में एक बंद फैक्टरी में हरियाणा के कारीगरों की ओर से नकली पनीर बनाए जाने का मामला बीते मंगलवार को पकड़ा गया था।
जांच टीम मेें वहां से दो सौ किलोग्राम मिलावटी पनीर, पनीर बनाने के लिए तैयार किया जा रहा आठ सौ लीटर घोल, मिल्क पाउडर, रिफाइंड आयल, सैकरीन और कई तरह के केमिकल बरामद किए।
इसके गोरखपुर के अलावा अन्य आसपास के जिलो में भी सप्लाई किए जाने की बात सामने आ रही है। वहीं पनीर बनाने के लिए पाउडर वाले दूध के साथ सोयाबीन के बीज को पीसकर भी मिला दे रहे हैं।
शहर में भी मोहन रोड, सीसी रोड, भीखमपुर रोड, हनुमान मंदिर रोड आदि जगहों पर स्थित गोदाम पर दिन के साथ रात में ही यह खेल किया जा रहा है। लिवर को डैमेज कर देता है मिलावटी खोवा व पनीर: मेडिकल कॉलेज के एमडी डॉ. विजय गुप्ता ने बताया कि मिलावटी पनीर सहित अन्य खाद्य पदार्थ लीवर को डैमेज कर सकता है। पनीर पाचन तंत्र को प्रभावित करता है।
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इसमें मौजूद केमिकल कई बार एलर्जी का कारण बन जाते हैं। इसे खाने से फूड प्वाइजनिंग की शिकायत हो सकती है। इधर लग्न के चलते मेडिकल कॉलेज में ऐसे ज्यादातर केस आ रहे हैं।
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