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Deoria Mass Murder: पति की हत्या हो गई... मकान गिर जाएगा तो मेरी दुनिया ही उजड़ जाएगी; पत्नी ने की ये मांग

Thu, 12 Oct 2023 11:32 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया

सार

फतेहपुर सामूहिक हत्याकांड के आरोपियों की मकान पर बुलडोजर चलाने का तहसीलदार ने बुधवार को अंतिम फैसला दे दिया। उन्होंने सरकारी जमींनों पर अवैध रूप से मकान और बाउंड्रीवाल बनाकर काबिज मृतक पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेम यादव के पिता अभयपुर गांव के रामभवन, गोरख और परमहंस पर जुर्माना लगाकर बेदखली का आदेश जारी कर फाइल दाखिल दफ्तर कर दिया।
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मृतक प्रेम यादव का परिवार। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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देवरिया के फतेहपुर में हुए सामूहिक हत्याकांड के बाद तहसीलदार कोर्ट का फैसला आने के बाद प्रेम यादव के परिजन सहमे हुए हैं। पुलिस का इतना तगड़ा पहरा है कि उनको किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस उनके गेट पर खड़ी है, जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। 
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बेटी, बेटा बोले की पिता का साया उठ गया। बुलडोजर चलाने का भय सता रहा है। मकान गिर गई तो हम लोग बर्बाद हो जाएंगे। हमारा पूरा विश्वास है कि हमें भी इंसाफ मिलेगा। प्रेम की बेटी अर्चना ने कहा कि मेरे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। 

पापा अब इस दुनिया में नहीं रहे। अन्य लोग जेल में हैं। गेट पर लाल निशान लगा दिया गया और नोटिस चस्पा कर दी गई है। पापा हमारे सभी के दुख-सुख में शरीक होते थे। इस नाते 17 तारीख को ब्रह्मभोज में काफी संख्या में लोग और नेता भी आएंगे। हमारी मांग है कि हमारे घर आने वाले लोगों को आसानी से आने दिया जाए। किसी को परेशान न किया जाए।
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प्रेम पत्नी शीला ने कहा कि पुलिस कार्रवाई के चलते भय का माहौल बन गया है। हमारे पति को जानने वालों की इच्छा होने के बावजूद भी गांव में घुसने नहीं दिया जा रहा है। लोग फोन करके बता रहे हैं कि धारा 144 का हवाला देकर न पहुंच पाने का खेद जता रहे हैं। 

पत्नी ने मांग किया है कि मानवीय संवेदनाओं को देखते हुए हिंदू रीति रिवाज से पति का ब्रह्मभोज कराने में मदद करें। जबकि दूसरी तरफ उसने कहा कि प्रशासन की पैमाइश के बाद आए एकपक्षीय फैसले से बच्चे दहशत में हैं। 

 

अगर मकान पर बुलडोजर चल गया तो हम बर्बाद हो जाएंगे। एक तो पति की हत्या होने तो दूसरी तरफ छत भी गिर जाएगा तो मेरी दुनिया ही उजड़ जाएगी। कम से कम प्रशासन और शासन को हमारे ऊपर विचार करना चाहिए। मेरे मासूम बच्चे और मैं कहां जाऊंगी। अब तो पति भी नहीं रहे।
 

प्रेम यादव की मकान पर अब बुलडोजर चलना तय
उधर, फतेहपुर सामूहिक हत्याकांड के आरोपियों की मकान पर बुलडोजर चलाने का तहसीलदार ने बुधवार को अंतिम फैसला दे दिया। उन्होंने सरकारी जमींनों पर अवैध रूप से मकान और बाउंड्रीवाल बनाकर काबिज मृतक पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेम यादव के पिता अभयपुर गांव के रामभवन, गोरख और परमहंस पर जुर्माना लगाकर बेदखली का आदेश जारी कर फाइल दाखिल दफ्तर कर दिया।

 

आरोपियों के वकील फैसला सुनाने से पहले आरोपियों के बयान और लेखपाल से जिरह करने पर अड़े रहे, लेकिन सरकारी वकील ने सार्वजनिक भूमि पर कोर्ट के पहुंचकर पैमाइश कराने और पैमाइश के दौरान आरोपियों के अधिवक्ताओं के मौजूद रह कर पूरी प्रक्रिया से अवगत होने की दलील दी। 

 

उन्होंने कहा कि जब मौके पर कोर्ट पहुंच कर पैमाइश कराई तो जिरह और बयान का कोई औचित्य नहीं है। ऐसे में तहसीलदार मजिस्ट्रेट ने अपने अंतिम फैसले में बताया कि मौजा फतेहपुर में गाटा संख्या 2742 में अराजी संख्या 0.583 हेक्टेअर में 0.06 हेक्टेअर वन के खाते में दर्ज है। इस पर सात वर्ष के गांव के रामभवन पुत्र राजकुमार पक्की दीवाल और छप्पर डालकर अवैध रुप से काबिज है।

यह है भूमि की नवैयत
गाटा संख्या 2725 का 0.045 हेक्टेयर भूमि में से 0.02 पर खलिहान दर्ज है। इस भूमि पर रामभवन दस साल से पक्की मकान और चहारदीवारी बनाकर काबिज है।
गाटा संख्या 2726 रकबा 0.02 हेक्टेयर ग्राम सभा की नवीन परती है। इस भूमि पर भी रामभवन की दस साल से पक्की मकान और बाउंड्रीवाल है।

 

अराजी संख्या 2693 रकबा 0.097 हेक्टेयर ग्राम सभा का खलिहान है। इस भूमि पर पांच साल से पक्का मकान बना कर अभयपुर गांव के परमहंस यादव अवैध रुप से काबिज है।
अराजी संख्या 2734 में रकबा 0.069 हेक्टेअर ग्राम सभा में खलिहान की भूमि दर्ज है, इस पर गोरख यादव पांच साल से पक्की दीवार और टीनशेड डालकर कब्जा किए है।

 

लेखपाल की रिपोर्ट और मौके का स्थलीय निरीक्षण व एसडीएम, तहसीलदार के नेतृत्व में दो बार सरकारी जमीनों की पैमाइश के बाद भी सरकारी जमीनों पर आरोपियों का अवैध कब्जा पुष्ट होने पर न्यायालय रामभवन का तीन जगह पर कब्जा पाए जाने पर 2.29520 रुपये जुर्माना और 15 रुपये निष्पादन शुल्क, गोरख पर 22800 रुपये और निष्पादन शुल्क पांच रुपये और परमहंस पर 30400 रुपये जुर्माना, पांच रुपये निष्पादन शुल्क के साथ सरकारी सार्वजनिक भूमि से बेदखली का आदेश जारी किया गया।

 

प्रतिपक्ष के बोले अधिवक्ता
आरोपियों के वकील गोपी यादव ने कहा कि न्यायालय ने एकतरफा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने पीड़ित पक्ष का बयान नहीं लिया और ना ही रिपोर्ट करने वाले लेखपालों से जिरह कराई गई। कोर्ट का फैसला न्याय संगत नहीं है। फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील की जाएगी।

 

क्या कहते हैं सरकारी वकील
सरकारी वकील अरुण कुमार राव ने कहा कि न्यायालय ने पूरी निष्पक्षता से जांच के उपरांत फैसला सुनाया है। दो बार राजस्व विभाग की टीम के साथ सरकारी जमीनों की पैमाइश कराई गई। तहसीलदार और एसडीएम के साथ प्रतिपक्षी पैमाइश के दौरान मौजूद रहे। ऐसे में जब कोर्ट मौके पर जाकर सुनवाई किया, तो जिरह, बयान का कोई औचित्य नहीं है।
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ये है पूरा मामला

बता दें कि देवरिया जिले में रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव में 2 अक्तूबर को सुबह छह बजे जमीन के विवाद में एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। इससे गुस्साएं पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पक्ष के लोग दूसरे पक्ष के घर में घुसकर पति, पत्नी और उसकी तीन संतानों को गोली मारकर और धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी, जबकि एक बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया है।

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