घर से अचार-मिर्च न आए तो बंदी न खा पाएं जेल का खाना
मुलाकाती कह रहे थे जेल प्रशासन की बर्बरता की कहानी
बोले, भूख हड़ताल से नाराज जेल प्रशासन ने डंडे से की है बंदियों की पिटाई
दबंग बंदियों को बैरकों में किया था बंद, कमजोरों पर ढाया जुल्म
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कैदी की मौत से नाराज होकर भूख हड़ताल करने वाले बंदियों के साथ जेल प्रशासन ने बर्बरता की है। रविवार को बंदियों से मिलकर लौट रहे लोग यह बयां कर रहे थे। तमाम बंदियों की जमकर पिटाई की गई है। हालांकि, जेल प्रशासन के लोग इससे इनकार कर रहे हैं।
कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान थानाक्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव निवासी सामूहिक दुष्कर्म के सजायाफ्ता पिंटू यादव की शुक्रवार की रात गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी। इसके बाद बंदियों ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही और दुर्व्यवस्था का आरोप लगाते हुए भूख हड़ताल कर दी। जेल प्रशासन के जिम्मेदार लोगों ने मनाने की कोशिश की, लेकिन जब नहीं मानें तो उनके साथ बर्बरता की। किसी तरह दोपहर बाद उन्होंने भोजन किया। रविवार को जेल में बंद अपने परिवार के सदस्यों से मिलकर लौट रहे मुलाकातियों ने बताया कि भूख हड़ताल करने वाले बंदियों की बंदीरक्षकों ने पिटाई की है। जेल प्रशासन ने दबंग बंदियों को पहले बैरक में बंद कर दिया। इसके बाद कमजोर बंदियों को पीटा। कई बंदियों को चोट भी लगी है। अस्पताल के डॉक्टर से उपचार कराकर चुप करा दिया गया है। मुलाकातियों ने बताया कि शनिवार को खाना भी जबरन खिलाया गया है। उनका कहना है कि यदि घर से अचार-मिर्च न लेकर जाया जाए तो भोजन कर पाना संभव नहीं होता है। उनका कहना था कि जिला प्रशासन और सरकार को इसका संज्ञान लेना चाहिए। इस बाबत जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि ऐसी कोई बात नहीं है। सब कुछ सामान्य रहा है। भूख हड़ताल करने वाले बंदी मान गए थे।
औचक निरीक्षण कर जेल के भोजन की गुणवत्ता जाचेंगे एसपी
खाने की गुणवत्ता को लेकर बंदियों की शिकायत के बाद लिया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जेल में भोजन की गुणवत्ता की औचक जांच एसपी करेंगे। बार-बार भोजन को लेकर बंदियों की ओर से उठाए जा रहे सवाल को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने यह फैसला लिया। इस जांच में बंदियों के आरोप की सच्चाई तो सामने आएगी ही, जेल प्रशासन के दावों की पोल खुल जाएगी।
एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि जेल के बंदी खाने की गुणवत्ता को लेकर कई बार भूख हड़ताल कर चुके हैं। इससे यह सवाल उठना लाजिमी है कि कहीं न कहीं जेल प्रशासन की चूक की वजह से ऐसा हो रहा है। या तो वे ठेकेदार के प्रभाव में होंगे या उनकी लापरवाही होगी। शनिवार को कैदी की मौत के बाद बंदियों ने भूख हड़ताल की तो तमाम बंदियों ने जेल प्रशासन पर पानी जैसी दाल-सब्जी, जली रोटी, कंकड़ वाला चावल परोसने की बात कहा। उनका यह भी कहना था कि इसी की वजह से बंदियों की सेहत खराब हो रही है। चिकित्सक के न रहने से इलाज भी समय से नहीं मिल पाता है। एसपी ने उनकी बात को गंभीरता से सुना। उन्होंने बताया कि जेल में भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिए किसी दिन औचक छापेमारी करेंगे। भोजन बंटने के समय पहुंचने पर सच्चाई पता चल जाएगी। इसके बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई के संबंधित अधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा।
जिला जेल में बंदीरक्षकों के लिए बनेगी डारमेट्री
15 बेड की डारमेट्री बनाने के लिए जेल प्रशासन ने लिखा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला जेल में बंदीरक्षकों के लिए डारमेट्री बनेगी। जेल प्रशासन ने इसके लिए शासन को पत्र लिखा है। शासन से वित्तीय स्वीकृति मिलने पर चिह्नित जगह पर डारमेट्री बनवाई जाएगी।
जिला जेल में बंदीरक्षकों, जेलर, डिप्टी जेलर और जेल अधीक्षक के रहने के लिए पर्याप्त संख्या में आवास बना हुआ है। इसलिए यहां कार्य करने वाले सभी को कोई दिक्कत नहीं होती है, लेकिन स्थानांतरित होकर जेल में आने वाले बंदीरक्षकों और अन्य को तत्काल में रहने में कठिनाई होती है। इसको देखते हुए जेल प्रशासन ने परिसर में डारमेट्री बनवाने का निर्णय लिया। जगह चिह्नित कर 15 बेड की डारमेट्री के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। इसमें बेड और बिस्तर भी रहेगा। जिससे बाहर से आने वाले बंदीरक्षकों और अन्य को रहने के लिए कोई दिक्कत न हो। इस बाबत जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि जेल परिसर में डारमेट्री की जरूरत है। शासन को पत्र लिखा है। वहां से वित्तीय स्वीकृति मिलने पर चिह्नित जगह पर डारमेट्री का निर्माण कराया जाएगा।