कब्जे के इस खेल राजस्व कर्मियों की मिलीभगत भी सामने आ रही है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामाशीष निषाद ने कहा कि ग्राम सभा में सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटवाने के लिए राजस्व विभाग में कई बार आवेदन दिया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई।
इस दौरान ही उसकी नजर गांव के लेहड़ा टोला निवासी सत्यप्रकाश दूबे के भाई ज्ञानप्रकाश दूबे के हिस्से की जमीन पर पड़ गई। ज्ञान प्रकाश का अपना कोई परिवार नहीं है। ऐसे में वह प्रेम यादव के साथ ही रहने लगे। वर्ष 2014 में प्रेम ने उनकी जमीन का बैनामा करा लिया। यह जमीन ही पूरे कांड की वजह बनी।
जमीन का बैनामा होने के बाद ज्ञानप्रकाश के बड़े भाई सत्यप्रकाश से प्रेम की अदावत शुरू हो गई। तहसील और दीवानी न्यायालय में सत्यप्रकाश और प्रेम के बीच मुकदमेबाजी चलने लगी। इस बीच प्रेम ने विवादित जमीन पर कब्जा कर लिया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य इस जमीन के मामले को सुलझाने के लिए ही सोमवार को सत्यप्रकाश के घर गया था। इसके बाद ही कुछ ऐसा हुआ जिसमें छह लोगों की हत्या हो गई।
पूरे परिवार की जिम्मेदारी उठाऊंगा : शलभ
फतेहपुर की घटना में इंसाफ को अंजाम तक पहुंचाने के लिए मंगलवार को सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने भटवलिया स्थित जनसंपर्क कार्यालय पर घटना के पीड़ित स्व. सत्य प्रकाश दूबे के बेटे देवेश दूबे व समाज के प्रबुद्धजनों, अधिवक्ताओं, वरिष्ठों व नौजवानों के साथ देर रात तक बैठक की। सभी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और इस परिवार की पूरी जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया।