नीलांबुज मिश्र
सलेमपुर। देवरिया के रहने वाले दो राजनीतिक दिग्गज वाराणसी दक्षिणी (389) विधानसभा सीट पर आमने-सामने हैं। एक भाजपा से तो दूसरे कांग्रेस-सपा गठबंधन से जोर आजमा रहे हैं। इनके चुनाव प्रचार में गांव से भी लोग पहुंचे हैं।
चुनाव भले ही वाराणसी में हो रहा है लेकिन चर्चा इनके पैतृक गांव सहित इलाके भर में है। भागलपुर ब्लॉक के कसली गांव निवासी राजेश मिश्रा का बचपन वाराणसी में बीता है। वहां उनके पिता जगदीश मिश्रा जेलर के पद पर कार्यरत थे। विद्यापीठ से राजनीति का ककहरा सीखा और निरंतर आगे बढ़ते गए। कांग्रेस से दो बार वाराणसी से विधान परिषद सदस्य और वाराणसी संसदीय सीट से एक बार सांसद रह चुके हैं।
वाराणसी दक्षिणी विधानसभा सीट से पूर्व सांसद राजेश मिश्रा कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे हैं। इसी सीट पर कटियारी गांव के नीलकंठ तिवारी भाजपा प्रत्याशी के रूप में इन्हें टक्कर दे रहे हैं। इनके पिता ओंकारनाथ तिवारी वाराणसी में इंस्पेक्टर थे और इनकी पढ़ाई भी वाराणसी में हुई।
दोनों प्रत्याशियों का गांव एक ही विकास खंड में मात्र तीन किमी की दूरी पर है। दोनों लोगों के चुनाव मैदान में होने से गांव और क्षेत्र में सियासी पारा चढ़ गया है। कटियारी गांव के मनोज तिवारी, ओमप्रकाश तिवारी, बबलू तिवारी, कसिली के राघव मिश्र, मनन यादव, रामलाल प्रसाद समेत अन्य लोग प्रचार के लिए वाराणसी पहुंचे हैं।