मतगणना प्रशिक्षण के चलते विकास भवन के अधिकारी नहीं पहुंचे कार्यालय।
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देवरिया। विधानसभा चुनाव में मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अधिकारियों ने विकास भवन का रुख नहीं किया है। सोमवार को अधिकांश अधिकारियों के चैंबर खाली थी। कर्मचारी भी नाम मात्र के उपस्थित थे। जो कार्यालय में आए थे, वह भी प्रत्याशियों की जीत-हार का गुणा गणित बैठाते देखे गए। विधानसभा चुनाव की तैयारी में जनवरी से ही अधिकारी लगे हैं। इससे जनपद में विकास का पहिया रुक गया है। अधिकारियों के चुनाव ड्यूटी में व्यस्त होने से कर्मचारियों की बन पड़ी। उनके भी कार्यालय आने-जाने का समय नहीं रह गया था।
इससे विभागों के कार्यों पर असर पड़ने लगा। छठवे चरण में शनिवार को जिले की सात विधानसभा सीटों पर मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सोमवार को कार्यालय खुले, लेकिन अधिकांश अधिकारी मतगणना के प्रशिक्षण में चले गए। विकास भवन में अधिकारियों के कक्ष खाली रहे। पशु पालन विभाग के मुख्य चिकित्साधिकारी को छोड़ कर कोई भी अधिकारी अपने कक्ष में मौजूद नहीं था।
अधिकारियों के नहीं रहने से कर्मचारियों की चांदी रही। अधिकांश कर्मचारी कक्ष छोड़ कर गायब थे। जो कर्मचारी मौजूद थे वह भी मतदान के दिन हुई परेशानी और बूथ पर किस पार्टी को ज्यादा मतदान हुआ, उस पर चर्चा करते रहे। विकास भवन में सन्नाटा पसरा रहा। दूरदराज से आए फरियादियों को लौटना पड़ा। रामपुर कारखाना से आए सोहन ने बताया कि वह एक माह से विकास भवन का चक्कर काट रहे हैं।
हर बार कर्मचारी यही जवाब देते हैं कि मतदान के बाद आना। आज जब मैं पहुंचा तो अधिकारी नहीं थे। पथरदेवा के कंचनपुर से आए रामअवतार ने बताया कि वह डीडीओ साहब से मिलने आए थे लेकिन बताया गया साहब चुनाव ड्यूटी में हैं।