फांसी लगाकर युवक ने दी जान
गांव के पास पेड़ पर फंदे से लटकता लोगों ने देखी लाश
ससुराल से पत्नी पहुंच गई, मां और बहन देर से पहुंची
अमर उजाला ब्यूरो
खुखुंदू। ससुराल जाने से माता, पिता को रोकना बेटे को इतना नागवार लगा कि उसने गांव के पास बागीचे में फांसी लगाकर जान दे दी। खबर मिलते ही मायके से पत्नी अपने भाई के साथ पहुंच गई। लेकिन घर पर मौजूद मां और बहन को जाने में घंटों लग गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मरहवां गांव निवासी पुष्पेंद्र यादव (27) तीन बहन और दो भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसकी शादी डेढ़ वर्ष पूर्व सदर कोतवाली के घटैला चेती गांव में रामकोमल यादव की बेटी ममता के साथ हुआ था। पत्नी मायके चचेरी बहन अनीता की शादी में गई थीं। पुलिस की माने तो बुधवार को तिलक में जाने के लिए पत्नी और ससुराल वाले फोनकर पुष्पेंद्र को बुला रहे थे, जबकि असम राइफल में तैनात पिता ने ससुराल जाने पर घर से निकालने की बात कह दी। इसको लेकर पुष्पेंद्र काफी तनाव में था। बुधवार की शाम को वह घर से निकला और सुबह लोगों ने उसकी लाश पेड़ से लटकता हुआ देखा। घटना की खबर मिलते ही मौके पर गांववालों की भीड़ जुट गई। लोगों का कहना है कि घर पर मौजूद मां और बहन घंटों बाद घटनास्थल पर पहुंची, जबकि ससुराल से इसकी पत्नी अपने भाइयों के साथ आ गई। पुष्पेंद्र और ममता के बीच एक पांच माह की बच्ची है। इंस्पेक्टर श्यामलाल यादव ने कहा कि परिजनों के ससुराल जाने से मना करने पर युवक ने आत्महत्या की है।
छिन गया पिता का साया
ईश्वर का भी अजीब खेल है। एक तरफ चंद महीन पहले पिता होने का सुख मिला तो घर में खुशियां मनाई गई। अभी दूधमुहीं बच्ची के मुंह से पिता शब्द भी नहीं निकला था। तभी सिर से छाया छिन गया। चंद महीने में ही खुशी का माहौल गम में बदल गया। ममता चचेरी बहन की शादी में तीन दिन पूर्व मायके गई थीं। उसे क्या पता था कि पति से उसकी यह आखिरी मुलाकात है।