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मांगे गए मूल दस्तावेज लेने पुन: बीएसए कार्यालय पर आई एसटीएफ

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मूल दस्तावेज लेने फिर बीएसए आफिस आई एसटीएफ
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फर्जी शिक्षक भर्ती मामले में पुन: टीम के आने से कार्यालय में ही रही हड़कंप
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। फर्जी शिक्षक प्रकरण की जांच कर रही स्पेशल टास्क फोर्स की टीम शुक्रवार की शाम को भी बीएसए कार्यालय पहुंची। टीम ने बीएसए और लेखाधिकारी से मिलकर संदिग्ध प्रमाण पत्रों वाले शिक्षकों के बारे में वांछित दस्तावेजों की उपलब्धता की जानकारी ली। एसटीएफ टीम ने जांच दायरे में आए शिक्षकों के संदर्भ में पूर्व में मांगी गई सूचनाओं की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। इसके पूर्व 31 अगस्त को भी जब चार सदस्यीय टीम जांच को आई थी तो कार्यालय के अधिकारियों ने दस्तावेजों को उपलब्ध कराने के लिए कुछ वक्त मांगा था। शुक्रवार को भी कार्यालय के अधिकारी व बाबू इसे उपलब्ध नहीं करा सके। टीम के सदस्यों ने लेखाधिकारी से मिलकर कुछ शिक्षकों के खाते के ब्योरे के बारे में पूछा। माना जा रहा है कि एसटीएफ ने जांच में कुछ ऐसे मामले पकड़े हैं, जिनमें एक ही पैनकार्ड पर दूसरे जिलों में भी एक से अधिक लोग वेतन उठा रहे हैं। उन चिन्हित लोगों के बारे में टीम ने लेखाधिकारी से विवरण भी मांगा। साथ ही यह भी पूछा कि लेखा कार्यालय की नजर में और कितने लोगों के पैन नंबर है, जिनका उपयोग एक से अधिक लोग कर रहे हैं। या कोई ऐसा शिक्षक या कर्मचारी है जिसके पास पैनकार्ड है या नहीं।
चरणवार करीब 100 शिक्षक का ब्योरा तलब किया
एसटीएफ गोरखपुर के प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि चिन्हित शिक्षकों के दस्तावेज जो पूर्व में बीएसए कार्यालय से मांगे गए थे, उसे ही लेने टीम गई थी। कई चरणों में अब तक करीब 100 संदिग्ध शिक्षकों के मूल कागजात सहित अन्य दस्तावेज कार्यालय से मांगे गए हैं। हालांकि विभाग इसे अभी तक उपलब्ध नहीं करा पाया है।
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एसटीएफ के कुछ सदस्य शाम को आए थे। बीएसए कार्यालय में ही मुझे भी बुलाया गया था। पूर्व में मांगे गए कागजों की उपलब्धता की उन्होंने जानकारी ली है। कागजात जुटाएं जा रहे हैं, जैसे ही सभी दस्तावेज मिल जाएंगे, एसटीएफ को उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
- जगदीश श्रीवास्तव, वित्त व लेखाधिकारी
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