संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गांजा तस्करी के लिए देवरिया सेफ जोन बना हुआ है। तस्कर भी पुलिस से बचने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। एक पखवाड़े के अंदर जिले में दूसरी बार गांजा की खेप पकड़ी गई है।
यह बिहार के रास्ते देवरिया भेजी गई थी। इससे पहले शहर में कूरियर, वाहनों व ट्रकों में छिपाकर गांजा मंगाने का खुलासा हो चुका है। सूचना पर एसटीएफ लखनऊ ने पुलिस के साथ कार्रवाई की थी।
इधर, लगातार कार्रवाई और दबिश के बाद भी गांजा तस्करों के हौसले कम होने की जगह बढ़ रहे हैं। तस्करों से करोड़ों रुपये के गांजा बरामद किए जा चुके हैं।
मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने 22 जुलाई को बड़ी कार्रवाई की थी। मुखबिर की सूचना पर चीनी मिल ग्राउंड के पास एक वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें से 2.70 किग्रा गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने मौके से बलिया जिले के उभांव थाना क्षेत्र के अखोब गांव निवासी देवेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया। वह गांजा की डिलीवरी देने जा रहा था। पूछताछ के आधार पर उसके नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश में कोतवाली पुलिस जुटी हुई है।
उधर, सलेमपुर कोतवाली पुलिस ने एक अगस्त की देर रात रेलवे स्टेशन की तरफ जा रहे एक युवक को 6.7 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी की पहचान बनकटा थाना क्षेत्र के जगनचक अहिरौली बघेल निवासी मुकेश दूबे के रूप में हुई थी।
पूछताछ में उसने बताया था कि बिहार सीमा से गांजा लाकर गोंडा व आसपास के क्षेत्रों में बेचने जा रहा था। कोतवाल सुनील कुमार पटेल ने बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है। फरार सरगना की तलाश में दबिश दी जा रही है।