भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओ ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर विरोध जताया।
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किसान दिवस में नहीं पहुंचे अफसर, डीएम आफिस पर प्रदर्शन
जिले में मजाक बन गया है किसान दिवस, नहीं होती किसानों की सुनवाई
दो घंटे इंतजार के बाद भी कोई जिम्मेदार अफसर नहीं पहुंचे किसान दिवस में
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। किसान दिवस में अफसरों के नहीं पहुंचने से नाराज किसानों ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों ने किसान दिवस को कागजी खानापूर्ति बताया। सीआरओ के आश्वासन के बाद किसानों का गुस्सा शांत हुआ।
शासन के निर्देशानुसार माह के तीसरे बुधवार को किसान दिवस का आयोजन कर समस्याएं सुनना और समाधान करना है। कई बार से किसान पहुंच रहे हैं, लेकिन कोई विभागीय या जिम्मेदार अफसर किसान दिवस में नहीं पहुंच रहा है। वजह अफसर खुद की व्यस्तता या विभागीय जरूरी काम बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। दो घंटे तक किसान अफसरों के आने का इंतजार कलेक्ट्रेट सभागार में किए, जिला कृषि रक्षा अधिकारी रतन शंकर ओझा के अलावा कोई जिम्मेदार अफसर नहीं पहुंचा तो किसान भड़क गए और किसान दिवस को मजाक बताते हुए डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करने लगे। किसानों को धरने पर बैठने की जानकारी होने पर सीआरओ रामसहाय यादव पहुंचे और किसानों से वार्ता कर अगले किसान दिवस पर अफसरों की मौजूदगी का आश्वासन दिया, तब किसान शांत हुए। बाद में लीड बैंक मैनेजर राकेश श्रीवास्तव भी पहुंच गए। धरना देने वालों में भाकियू के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप शाही, बृजराज कुशवाहा, धनंजय, मारकंडेय, दिग्विजय नारायण, सुदामा चौरसिया, सुरेंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे। सीआरओ रामसहाय यादव ने बताया कि पथरदेवा में तीन दिवसीय विराट किसान मेले की तैयारी चल रही है। सभी आला अफसर वहीं पर गए थे, इसलिए कोई किसान दिवस में नहीं आया। आगे से इसका ख्याल रखा जाएगा।