डीएम दफ्तर के बाहर कच्ची शराब उड़ेलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। केस दर्ज होने से नाराज महिलाओं ने एसडीएम के तबादले की मांग की है।
मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग और राज्य महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया है। दूसरी ओर गुरुवार को चौथे दिन कलेक्ट्रेट परिसर में महिलाएं धरने पर बैठी रहीं।
महिला एकता शक्ति की राष्ट्रीय अध्यक्ष मन्नू तिवारी ने कहा कि जिले में प्रशासन की शह पर कच्ची शराब का धंधा फल-फूल रहा है।
रुद्रपुर के कोइलगढ़वा गांव में महिलाएं भी इस धंधे में लगी हुई हैं। पुलिस की मिलीभगत से शराब माफिया गलत काम करवाते हैं।
कच्ची शराब के धंधे पर रोक लगाने को लेकर महिलाएं डीएम से मिलने आईं थी लेकिन कोई अधिकारी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं था। एसडीएम सदर ने उनके खिलाफ गलत मंशा से केस दर्ज करवाया है।
महिलाओं का कहना है कि कच्ची शराब के खिलाफ आवाज उठाने वाली महिलाओं पर केस दर्ज कराना दुर्भाग्यपूर्ण है। जब तक एसडीएम सदर नहीं हटेंगे, धरना जारी रहेगा।
जरूरत पड़ने पर सड़क पर भी उतरा जाएगा। महिलाओं ने एसडीएम सदर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग और राज्य महिला आयोग को चिटठी भेजी है।
महिलाओं के समर्थन में कई संगठन भी आगे आएं हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष विनोद गुप्ता, राघवेंद्र प्रताप शाही, पूर्वांचल आंदोलन से जुड़े इंद्रेश सिंह अमेठिया, तेजा, आलोकनाथ पांडेय, प्रदीप गिरी, प्रेमशीला आदि मौजूद रहीं।